डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-
देश के समस्त सवर्णवर्ग! जागिए, वरना आरक्षण आपके और आपकी सन्तानों के भविष्य को लील जायेगा। आरक्षण के पक्षधर जितने भी नेता हैं, उन सबका खुल कर बहिष्कार कीजिए। जाटों की तरह से एक बार आप सब भी मिलकर अपनी आक्रामकता का ऐसा मुक्त प्रदर्शन कीजिए कि केन्द्र और राज्य-सरकारों की चूलें हिल जायें। जो भी दल अपने चुनावी घोषणापत्र में आरक्षण का ‘खुला विरोध’ करे, उसी का समर्थन कीजिए; शेष जितने भी आरक्षण के पक्षधर हों, उनके पत्तल में छेद कीजिए, यही समय की ‘पुकार’ है। केन्द्र की सरकार अपनी सत्ता को बनाये रखने के लिए आरक्षण का विस्तार किसी भी हद तक कर, सवर्ण-वर्ग के हितों को ध्वस्त करने के लिए मन बना चुकी है; विपक्षी दल काँग्रेस, स०पा०, ब०स०पा० आदिक भी आरक्षण का लोभ दिखाकर, सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ऐसे में, सवर्ण-वर्ग के पास ‘नोटा’ का बदन दबाने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं दिखता।