राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ :
माँ भारती ने स्वतन्त्रता हेतु कितना रक्त बहाया है।
आज का दिन चीख़-चीख़ यही जताता आया है।
कितने वीरों ने गोली झेली और कितने झूले फांसी पर।
जलियाँवाला बाग़ काण्ड यही बताता आया है।। (राघव)
जलियांवाला बाग
103 वर्ष पहले की दुखद जलियाँवाला बाग़ घटना के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि। इन बलिदानियों के साहस, वीरता और बलिदान से प्रत्येक भारतीय को शक्ति मिलती है। यह बर्बर काण्ड 13 अप्रैल 1919 को हुआ था।
स्वतन्त्रता का मूल्य समझाने वाला दिन। स्वतन्त्रता की बलिवेदी पर बलिदान हुए बलिदानियों के श्रीचरणो मे नमन।