कल लंदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को नए ढंग से परिभाषित करने तथा उसमें नई ऊर्जा भरने के लिए ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ विस्तार से बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद, कट्टरपंथ और ऑनलाइन उग्रवाद से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने के बारे में बातचीत हुई। कानूनी मुद्दों, वैश्विक मुक्त व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच वार्ता के दौरान सेल्सबरी और सीरिया में रासायनिक हथियारों के हमले का मुद्दा भी सामने आया। दोनों नेताओं ने किसी भी परिस्थिति में किसी भी पक्ष द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का विरोध किया। आज आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों के सम्मेलन के बारे में श्री मोदी और श्रीमती थेरेसा मे ने सतत, समृद्ध, सुरक्षित तथा न्यायसंगत भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टेरिजा मे ने द्विपक्षीय और राष्ट्रमंडल देशों के सदस्यों के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया। डिजिटल इकोनॉमी, प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरटी जैसे मुद्दों पर भी दोनों देश सहयोग से काम करेंगे। दोनों नेताओं ने नियमों पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका और सतत विकास के लिए निष्पक्ष और खुले व्यापार को बढ़ाने पर बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत औरे ब्रिटेन में सभी प्रकार के आतंकवाद और आतंकवाद से संबंधित घटनाओं की निन्दा की है । प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रिंस चार्ल्स के साथ विज्ञान प्रदर्शनी देखने पहुंचे जहां भारत के पांच हजार सालों की वैज्ञानिक उपलब्धियां और आविष्कारों को दर्शाया गया है। इसके अलावा श्री मोदी और सुश्री मे फैन्सिस क्रिक संस्थान में वैज्ञानिकों और दोनों देशों के व्यापार जगत के सी.ओ. से भी मिले।