भाषा शिक्षण संस्थान हाजीनगर (कलकत्ता), अन्तरराष्ट्रीय भाषा संस्थान सूरत द्वारा प्रायोजित और लखनऊ विश्वविद्यालय तथा ‘इंदु संचेतना’एवं भाखा के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रयोजनमूलक हिंदी के परिप्रेक्ष्य में प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित के प्रदेय पर अन्तर्जालीय अनुष्ठान आयोजित
दिनांक – 25 – 12 – 2020 को
सायं 6: 00बजे (सायं) से प्रोफेसर रमेशचन्द्र त्रिपाठी (पत्रकारिता के पुरोधा) की अध्यक्षता में अंतर्जालीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि – माननीय एंबेसडर अखिलेश मिश्र (वर्तमान अपर सचिव, विदेश मन्त्रालय, भारत सरकार) एवं अनन्य भाषा और संस्कृति प्रेमी, विशिष्ट अतिथि-प्रोफेसर पूरन चंद टंडन, प्रोफेसर दिल्ली विश्व विद्यालय (ख्यातिलब्ध अनुवाद विशेषज्ञ एवं भाषा वैज्ञानिक)
सम्मानित अतिथि-डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल(हिंदी की वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए समर्पित मनीषी चिंतक)
सम्मानित अतिथि-सुरेश चंद्र शुक्ल,नाटककार कवि और
सलाहकार भाखा, संपादक-स्पाइल दर्पण,नार्वे शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन श्री ओम प्रकाश अत्रि,सह संपादक- ‘इंदु संचेतना’ शब्दार्चना – श्री सतीश आर्य ( चर्चित हिंदी हस्ताक्षर ) स्वागत स्वागत उद्बोधन एवं बीज वक्तव्य – प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह(विभागाध्यक्ष,लखनऊ विश्व विद्यालय,लखनऊ एवं संरक्षक ‘इंदु संचेतना’ और सलाहकार ‘भाखा’)
सम्मानित वक्तावृंद ने निम्नलिखित विषय पर अपना आख्यान रखा।
1- इलेक्ट्रोनिक मीडिया को प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय -पूरन चंद टंडन
2- पत्रकारिता को प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय
-प्रोफेसर रमेशचन्द्र त्रिपाठी
3- राज भाषा को प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय-प्रोफेसर पवन अग्रवाल (प्रोफेसर,हिंदी,लखनऊ विश्व विद्यालय,लखनऊ एवं संरक्षक ‘इंदु संचेतना’ और सलाहकार ‘भाखा’)
4-टी वी और रेडियो नाट्य लेखन और प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय-प्रोफेसर अलका पांडेय
5-कथा पट कथा लेखन को प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय- प्रोफेसर शैलेन्द्रनाथ मिश्र( विभागाध्यक्ष, हिंदी,लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा एवं प्रख्यात मनीषी चिंतक)
6-प्रयोजन मूलक हिंदी और अनुवाद को प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित का प्रदेय-डॉ साकेत सहाय,संचार एवं भाषा विशेषज्ञ,
वरिष्ठ प्रबंधक,पंजाब नेशनल बैंक
7-सुश्री सुनीता यादव
लोक गायिका एवं कवयित्री
8-प्रयोजनमूलक हिंदी की आवश्यकता और प्रोफेसर दीक्षित -डॉ लहरी राम मीणा,सहायक प्रोफेसर काशी हिंदू विश्व विद्यालय (ज्ञानपीठ से प्रकाशित ‘जिस उम्मीद से निकला’ के चर्चित कवि और ख्यातनाम युवा आलोचक)
9- हिंदी अनुवाद का भविष्य और प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित -श्री विनय कुमार शुक्ल(ख्यातनाम भावानुवादक)
आशीर्वचन – प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित ( प्रयोजन मूलक हिंदी के पुरस्कर्ता, विख्यात आलोचक व पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषाएँ विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ) धन्यवाद ज्ञापन- डॉ गंगा प्रसाद ‘गुणशेखर’
(अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय भाषा संस्थान,सूरत।प्रधान संपादक-‘भाखा’ एवं ‘इंदु संचेतना’)
आयोजन का समन्वयन एवं प्रबंधन देवेन्द्र कश्यप ‘निडर’,(समर्पित साहित्य सेवी एवं सह सम्पादक ‘भाखा’)
सह संयोजन – श्री विनय कुमार शुक्ल (सम्पादक भाखा पत्रिका, इन्दु संचेतना व सह संयोजक संगोष्ठी)