विदेशमन्त्री सुषमा स्वराज-द्वारा संसद् में की गयी टिप्पणी का देश स्वागत करता है

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-


पाकिस्तान के सैन्य कारागार में कुलभूषण जाधव से मिलने गयीं, उनकी माता और पत्नी के साथ पाकिस्तानी हुक़ूमत की ओर से किये गये अमानवीय दुर्व्यवहार के प्रति आज (२८ दिसम्बर, २०१७ ई०) संसद् में देश की विदेशमन्त्री सुषमा स्वराज की ओर से की गयी स्पष्टीकरण और टिप्पणी के साथ हमारा ‘मुक्त मीडिया’ है।
देश की संसद् ने समवेत स्वर में सुषमा स्वराज की भावुक और संवेदनशील अभिव्यक्ति का समर्थन किया है। इससे यहाँ सुस्पष्ट हो जाता है कि भारत का पक्ष-प्रतिपक्ष ‘राष्ट्रवाद’ को समृद्ध करता है; सत्ता की राजनीति को परे धकेलकर, ‘राष्ट्रियता’/ ‘राष्ट्रीयता’ को मुखर करते हुए, आज देश की संसद् संघटित लक्षित हो रही है। सबसे पहले भारतराष्ट्र की गरिमा फिर देश की राजनीति’– यह भाव और विचार देश की संसद् में आज दिख रहा है, जो उदात्त भारतीयता के आचरण को समृद्ध करता है। यहाँ पर देश के समस्त सांसदगण साधुवाद के पात्र हैं।
पाकिस्तानी शासन का यह एक ऐसा गर्हित राजनय आचरण है, जहाँ किसी सधवा माँ और पत्नी के सौभाग्य-प्रतीक का अपहरण कर लिया जाता है और अमानुषिक धरातल पर किसी अन्य देश से आयीं माता और पत्नी का अपमान किया जाता है। ऐसा लगता है, मानो पाकिस्तान अपनी बर्बरता और असभ्यता को न छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हो।