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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से क्षेत्र का होगा चतुर्दिक विकास

प्रदेश सरकार आवागमन को सुगम बनाने एवं क्षेत्रीय चतुर्दिक विकास के लिए प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाईवे, बड़ी सड़कों का निर्माण करा रही है। सड़कों के बनने से विभिन्न तरह के विकास कार्यों में तेजी आती है। सरकार द्वारा बनाये जा रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जनपद गोरखपुर के गोरखपुर बाईपास एन0एच0-27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारम्भ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जनपद आजमगढ़ में समाप्त होगा। एक्सप्रेस-वे की लम्बाई 91.352 किमी0 है। एक्सप्रेस-वे से जनपद गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ लाभान्वित होंगे।

यह एक्सप्रेस-वे 04 लेन (06 लेन तक विस्तारणीय) तथा संरचनाएं 06 लेन चौड़ाई की बनायी जा रही है। एक्सप्रेस-वे के एक ओर 3.75 मी0 चौड़ाई की सर्विस रोड स्टैगर्ड रूप में बनाई जा रही है, जिससे परियोजना के आस-पास के गांव के किसानों निवासियों को एक्सप्रेस-वे पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। एक्सप्रेसवे के निर्माण में 02 टोल प्लाजा, 03 रैम्प प्लाजा, 07 फ्लाई ओवर, 16 व्हेकुलर अण्डरपास, 50 लाइट व्हेकुलर अण्डरपास, 35 पेडेस्ट्रियन अण्डरपास, 07 दीर्घ सेतु, 27 लघु सेतु तथा 389 पुलियों का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस परियोजना की कुल अनुमोदित लागत रू0 5876.68 करोड़ तथा सिविल निर्माण की अनुबन्धित लागत रू0 3024.10 करोड़ है। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 02 पैकेजों में विभक्त किया गया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के दोनों पैकेजों के बिल्डरों का चयन ई-टेंडरिंग के जरिए किया गया है। इस परियोजना में न्यूनतम निविदा अनुमानित लागत से 3.12 प्रतिशत कम हो गई है, जिससे यूपीडा को लगभग रू0 96 करोड़ का लाभ हुआ है। पैकेज-1 का निर्माण कार्य दिनांक 10.02.2020 से तथा पैकेज-2 का निर्माण कार्य 19.06.2020 से प्रारम्भ कर दिया गया है। कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न रुकावट के बावजूद सभी पैकेजों द्वारा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य को महामारी पूर्व प्रगति दर प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

निर्माणाधीन इस एक्सप्रेस-वे का अगस्त, 2021 तक क्लीयरिंग एण्ड ग्रबिंग एवं 99 प्रतिशत मिट्टी का कार्य 50 प्रतिशत, सबग्रेड का कार्य 27 प्रतिशत, जी0एस0बी0 का कार्य 20 प्रतिशत, डब्लू0एम0एम0 का कार्य 16.60 प्रतिशत, डी0बी0एम0 का कार्य 13.50 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति लगभग 30 प्रतिशत पूर्ण कर ली गयी है। परियोजना को पूर्ण करने की सम्भावित समयावधि अप्रैल, 2022 है।

इस एक्सप्रेस-वे परियोजना से क्षेत्रीय लोगों सहित देश प्रदेश को बहुत लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। एक्सप्रेस-वे प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत, समय की बचत एवं पर्यावरणीय प्रदूषण का नियंत्रण भी संभव हो सकेगा। परियोजना से आच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा और आय में बढ़ोत्तरी होगी।

एक्सप्रेस-वे से आच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन ईकाईयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेसवे के निकट इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर सुलभ होंगे। यह एक्सप्रेस-वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भण्डारणगृह, मण्डी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने पर क्षेत्र का चतुर्दिक विकास होगा।