पढ़ाने की जगह अब उत्तरप्रदेश की अध्यापिकाएँ दुलहनों को सजायेंगी

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

मुख्यमन्त्री सामूहिक विवाह-योजनान्तर्गत चयनित दुलहनों को सजाने के लिए २० अध्यापिकाओं की ‘ड्यूटी’ लगायी जा रही है। इससे सुस्पष्ट हो जाता है कि आदित्यनाथ योगी की दृष्टि में ‘सहायक अध्यापक’ ही एक ऐसा पद है, जिससे जो भी काम चाहो, करवा लो; उन्हें जितना चाहो दूह लो, वे नौकरी जाने के डर से सब कुछ करने के लिए प्रस्तुत रहते हैं।

इस पर उत्तरप्रदेश के सभी विपक्षी दल मौन बने बैठे हैं। मुख्यमन्त्री इसके लिए अपनी अलग से व्यवस्था क्यों नहीं करते? क्या अध्यापक की नौकरी देते समय यह बताया गया था कि उत्तरप्रदेश की सरकार उनसे अध्यापन के अतिरिक्त कोई भी काम ले सकती है।

इससे सुस्पष्ट हो जाता है कि उत्तरप्रदेश-शासन शिशु-बाल-किशोर को अध्ययन कराने से अधिक दुलहनों’ को सजवाने में अधिक विश्वास करता है। यही कारण है कि आज उत्तरप्रदेश में शिक्षालयों की जड़ सूखती जा रही है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २७ जनवरी, २०२० ईसवी)

विशेष : बेसिक शिक्षा अधिकारी, सिद्धार्थनगर ने एक आदेश निर्गत कर खण्ड शिक्षा अधिकारी के आदेश को तत्काल प्रभाव से निष्प्रभावी घोषित कर दिया है और साथ ही प्रभावी कार्रवाई के भी सङ्केत दिये हैं ।