बिल्सी:- बिसौली रोड स्थित श्री 1008 दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पदमांचल दिधौनी में आज से शुरू हुए जैन धर्म के 10 दिवसीय पर्यूषण पर्व के प्रथम दिन यहां उत्तम क्षमा धर्म से शुरू हुआ यहां सबसे पहले जैन अनुयायियों द्वारा भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक एवं शांति धारा की गई इसके पश्चात विधि विधान से जिनेंद्र भगवान की पूजा एवं आरती की गई मीडिया प्रभारी प्रशांत जैन ने बताया कि संसार में प्रत्येक मानव प्राणी के लिए क्षमा रूपी शास्त्र इतना आवश्यक है कि जिनके पास यह क्षमा नहीं होती वह मनुष्य संसार में अपने इष्ट कार्य की सिद्धि नहीं कर सकता है।
क्षमा यह आत्मा का धर्म है, इसलिए जो मानव अपना कल्याण चाहते हैं, उन्हें हमेशा इस भावना की रक्षा करनी चाहिए। क्षमावान् मनुष्य का इस लोक और परलोक में कोई शत्रु नहीं होता है। क्षमा ही सर्व धर्म का सार है। क्षमा ही सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र रूप आत्मा का मुख्य सच्चा भंडार है। जैसे कि-
उत्तम क्षमा गुण गण सहयारी।
उत्तम खम मुनि विंद पयारी।।
उत्तम खम बहुयन चिन्तामणि।
उत्तम खम सपं जह मणि।।
इस मोके पर जैन समाज के अध्यक्ष प्रेम चंद्र जैन ,सुरेश जैन,संतोष जैन,प्रशान्त जैन,हरिओम मौजूद रहे
इधर नगर के मोहल्ला साहवगंज में पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भी जैन अनुयायियों द्वारा पर्युषण पर्व सोशल डिस्टेंसिग के साथ मनाया गया ।