डॉ० आशा द्विवेदी एक समर्थ साहित्यकार थीं : डॉ० पृथ्वीनाथ

● यमुना-तट पर सारस्वत आयोजन

आज (१ फरवरी) ‘डॉ० आशा द्विवेदी-स्मृति सारस्वत संस्थान’ की ओर से साहित्यकार डॉ० आशा द्विवेदी की स्मृति में यमुना-तट पर स्थित ‘बारादरी’, बलुआघाट, प्रयागराज में ‘साहित्यिक परिचर्चा के साथ पर्यावरण’ के प्रति चिन्ता व्यक्त की गयी थी। आरम्भ में सरस्वतीवन्दना की गयी तथा सरस्वती और डॉ० आशा द्विवेदी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। संस्थान-अध्यक्ष डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने स्वागत-संभाषण करते हुए कहा, “डॉ० आशा द्विवेदी एक समर्थ साहित्यकार और कवयित्री थीं। वे ईश्वर के प्रति समर्पित थीं। यही कारण है कि ‘विश्व-साहित्य में पाप’, ‘ब्रह्माण्ड के घेरे में’, ‘सफ़ेद गुलाब’, ‘शुक का ज्ञान’ आदिक कृतियों का प्रणयन करनेवाली डॉ० आशा द्विवेदी साहित्य के प्रति समर्पित थीं।”

★ चित्र-विवरण– बायें से– सतीशचन्द्र द्विवेदी, डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, डॉ० हरिश्चन्द्र जायसवाल, आर० के० चोपड़ा तथा डॉ० एन०बी० सिंह

मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जीव और वनस्पतिविज्ञान के प्रो० एन०बी सिंह ने पर्यावरण-विषयक जानकारी देते हुए कहा, “पर्यावरण की रक्षा कीजिए, वही आपके लिए स्वास्थ्यवर्द्धक है। आपके जीवन में उससे अधिक कोई सहायक नहीं है।” अध्यक्षता कर रहे ई्विंग क्रिस्चियन कॉलेज में भूतपूर्व हिन्दीविभागाध्यक्ष डॉ० हरिश्चन्द्र जायसवाल ने कहा, “वातावरण की शुद्धि के साथ मन की शुद्धि भी आवश्यक है। जीवन को आन्तरिक और बाह्य प्रदूषण से सुरक्षित करना है।” उन्होंने आगे बताया, “डॉ० आशा द्विवेदी ने साहित्य में ‘शिवं’ और कल्याणकारी भावना में अत्यन्त आवश्यक माना है।” नागरिक पी०जी० कॉलेज में समाजशास्त्र-विभाग के अध्यक्ष डॉ० रवि मिश्र ने डॉ० आशा द्विवेदी के शोधग्रन्थ ‘विश्व-साहित्य में पाप’ पर विचार करते हुए कहा, “विश्व-साहित्य में पाप’ एक ऐसी कृति है, जिसमें विश्व के समस्त धर्म, सम्प्रदाय, पन्थादिक में व्याप्त पाप-पुण्य का सम्यक् विवेचन किया है।” डॉ० एन०बी० सिंह ने इस अवसर पर अतिथियों, श्रोताओं-दर्शकों को तरह-तरह के पौधे भेंट किये थे।

इसी अवसर पर ईश्वरशरण शुक्ल और ऋचा सिंह ने गंगा-विषयक गीत प्रस्तुत किया। सुधीर अग्निहोत्री, आर०के० चौपड़ा, अरुणेश कुमार सिंह आदिक ने काव्यपाठ किये थे। संस्थान के संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचन्द्र द्विवेदी ने कृतज्ञता-ज्ञापन किया था। संजीव सरस ने संयोजन-संचालन किया था।