मानवाधिकार सचिव द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर की गयी समीक्षा बैठक

*अमरोहा*- राज्य महिला आयोग, मानवाधिकार उ.प्र. सदस्य सचिव श्रीमती प्रियंवदा तोमर की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागर में महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित आ रही समस्याओं के संबंध में विगत तीन-तीन महीनों के लंबित मामलों के संबंध में समीक्षा बैठक की गई। इसमें घरेलू हिंसा की 06 शिकायत, सीधी शिकायत 09, ओर 181अलग प्रकार के केश आये। जिसमें 5 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया ।

बैठक में श्रीमती तोमर जी ने जनपद की सभी पीड़ित महिलाओं की समस्या को एक-एक करके बिंदुवार सुनकर निराकरण किये और सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि पीड़ित महिला की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाय। सर्वप्रथम अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार ने जनपद अमरोहा में महिला उत्पीड़न के संबंध में की जा रही कार्यवाही को माननीय सदस्य जी को बताया की हमारे द्वारा जनपद अमरोहा में दो सेल गठित किए गए हैं जिनमें निरंतर महिला उत्पीड़न और पारिवारिक मामलों से संबंधित शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है मुकदमे में संजीदगी से कार्य करते हुए 12 वर्ष से कम आयु वालों को गिरफ्तार किया गया है व 164 का बयान कराया गया है सभी केसों का निस्तारण कर दिया जाता है माननीय सदस्य महिला आयोग श्रीमती प्रियंबदा तोमर ने कहा कि पारिवारिक मामलों को अधिक से अधिक आपसी समझौते के द्वारा निराकरण किया जाए संबंधित थाना प्रभारी को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए उन्होंने सभी महिलाओं से कहा कि आपसी सौहार्द प्रेम पूर्व रहकर माता-पिता को खुश रखना समाज में एक आदर्श रुप देना ही आप लोगों का कर्तव्य है। चिंता मुक्त जीवन जीने की सलाह दी और कहा कि आप लोग जैसा चाहते हैं उसी इच्छा की तरह ही समझौता किया जाएगा उन्होंने कहा कि ऐसे मामले जो बहुत गंभीर हैं उनको भलीभांति समझा जाए और दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों को सुनने के बाद महिला प्रियंबदा तोमर जी ने मुन्नी देवीमहिला चिकित्सालय व जिला चिकित्सालय अमरोहा के महिला वार्ड व नवजात शिशु वार्ड का भी निरीक्षण किया व मरीजो से परेशानी व सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो से संबंधित चिकित्सा प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक,सीओ अमरोहा सीओ धनौरा व संबंधित थाने के थाना प्रभारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण व महिला कल्याण अधिकारी व महिला उत्पीड़न से संबंधित महिलाएं उपस्थित रहे।