- मौखिक और लिखित भाषाओं के प्रति जागरूकता आवश्यक : डॉ० पृथ्वीनाथ

‘केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन’, इलाहाबाद की ओर से कार्यालय-सभागार में २४ जून, २०१९ ई० को ‘सामान्य और व्यावहारिक हिंदी-व्याकरण’ विषयक हिंदीकर्मशाला का आयोजन किया गया था। कर्मशाला में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में निमन्त्रित भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का स्वागत उप मुख्य राजभाषा अधिकारी और उप मुख्य सामग्री प्रबन्धक आकाश आकाश दीप ने स्वागत किया और वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी सुनीला यादव ने परिचय दिया। उसके मार्गदर्शक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने मौलिक और लिखित भाषाओं के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने व्याकरण, वर्तनी तथा भाषाविज्ञान के विविध पक्षों से अवगत कराते हुए अविकारी और विकारी शब्दभेद में अन्तर सुस्पष्ट किया। ‘अभ्याससत्र’ के अन्तर्गत डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रचलित अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दों को व्युत्पत्ति और उदाहरण-सहित समझाया और सहभागियों से विविध शब्दों का लेखन कराया, जिनमें ‘शुश्रूषा’, ‘कवयित्री’, ‘प्रत्युत्पन्नमति’ आदिक शब्द थे। प्रशिक्षणार्थियों को आवेदनपत्र लेखन-कलासहित ‘लिये’-‘लिए’, ‘मिष्टान्न’, ‘आरोपी-आरोपित’, ‘स्वार्थ’, ‘विज्ञानी-वैज्ञानिक’, ‘आँसुओं-आँसू’, ‘परीक्षा-परीक्षा’, ‘व्यंग-व्यंग्य’ आदिक की शुद्धता-अशुद्धता को कारणसहित समझाया।
इस अवसर पर मुख्यालय के विभागाध्यक्ष कमलेश शुक्ल, उपसचिव अनूप मिश्र, कार्यपालक सिग्नल एवं दूरसंचार अभियन्ता ए० के० वर्मा, वरिष्ठ सामग्री प्रबन्धक बी०बी० कालरा, सहायक सामग्री प्रबन्धक राम सिंगार आदिक उपस्थित थे। आकाश दीप ने आभारज्ञापन किया। कर्मशाला का संयोजन और संचालन सुनीला यादव ने किया।