चारा घोटाला मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत के जज शिवपाल सिंह ने दोपहर के बाद फैसला सुनाते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और 15 अन्य को दोषी करार दिया है । पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद तथा लोक लेखा समिति के पूर्व अध्यक्ष ध्रुव भगत समेत छह को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया गया है ।
दोषियों को सजा 3 जनवरी को सुनाई जाएगी । इस केस में 27 अक्टूबर 1997 को 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था । मालूम हो कि 1991 से 1994 के बीच देवघर खजाने से नवासी लाख सत्ताइस हजार रूपये की धोखाधड़ी में अदालत ने उक्त को दोषी करार दिया है । इस केस में कुल 22 आरोपी थे । इनमें छह राजनेता, छह अफसर तथा दस सप्लायर्स शामिल थे । लालू प्रसाद और अन्य दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है । राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि उनकी पार्टी, सीबीआई अदालत के इस फैसले के विरूद्ध उच्च न्यायालय में अपील करेगी ।
लालू प्रसाद यादव ने अपने द्वीटर हैण्डल पर लिखा है कि झूठे जुमले बुनने वालों सच अपनी ज़िद पर खड़ा है । धर्मयुद्ध में लालू अकेला नहीं पूरा बिहार साथ खड़ा है । धूर्त भाजपा अपनी जुमलेबाज़ी व कारगुज़ारियों को छुपाने और वोट प्राप्त करने के लिए विपक्षियों का पब्लिक पर्सेप्शन बिगाड़ने के लिए राजनीति में अनैतिक और द्वेष की भावना से ग्रस्त गंदा खेल खेलती है ।