पोषण पुनर्वास केंद्र के पास पानी की टंकी में लगे मधुमक्खियों के छत्ते जी का जंजाल बने है। कब किस समय कोई घटना घट जाए इसी आशंका में लोग रहते है। कई बार इसके लिए पत्राचार किया गया लेकिन प्रशासन है कि आंख कान बन्द किये है।
जिला अस्पताल के सामने बने बाल बार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाता है जिससे उनका कुपोषण दूर किया जा सके। अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बाल वार्ड में भर्ती कराया जाता है। दोनों ही जगह 10-10 बच्चों के रखने की व्यवस्था है। वहीं बाल वार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र के नजदीक पानी की एक टंकी है। इस पानी की टंकी से पूरे जिला अस्पताल को पानी की सप्लाई की जाती है। पर इस टंकी पर 50 से अधिक मधुमक्खी के छत्ते लगे हैं। ये मधुमखियां इन वार्ड के आसपास दिन भर उड़ती और घूमती रहती हैं, जो कई बार लोगों पर हमला बोलकर उन्हें अस्पताल तक पहुंचा चुकी हैं। मधुमक्खियों को यहां से हटाने के लिए मुख्यचिकित्सा अधीक्षक के स्तर से वन विभाग, जल निगम और नगर पालिका को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते इसे अनसुना कर दिया गया। ऐसे में यहां हर कोई भय के माहौल में जीता है।