बैंकों के फंसे हुए ऋण-एन पी ए और बैंकों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की आलोचना का जवाब देते हुए कहा है कि समूची बैंकिंग प्रणाली, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हस्तक्षेप के कारण चरमरा गई थी। कल नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फंसे ऋण के सभी मामले यू पी ए के कार्यकाल के हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने बार-बार कहा है कि हमारी सरकार में दिया गया एक लोन एनपीए नहीं है। मेरा स्पष्ट आरोप है कांग्रेस पार्टी सुधार विरोधी है, क्योंकि जब सुधार होगा देश में पारदर्शिता आएगी, देश में जवाबदारी आएगी। यू पी ए के कार्यकाल की स्वर्ण आयात योजना के मुद्दे को उठाते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि 16 मई, 2014 को जब कांग्रेस आम चुनाव में हार चुकी थी, तब तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने गीतांजलि जेम्स सहित सात निजी कंपनियों को लाभ देने के आदेश जारी किये थे। श्री प्रसाद ने पंजाब से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दामाद से जुड़ा यह मामला साफ तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है।