- याद रहे 60 लीटर केरोसिन का किसान को क्या काम
- और याद रहे खेत सींचने के लिए मिट्टी के तेल का प्रयोग अनुचित ।
इलाके में केरोसिन की कालाबाजारी का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। कोटे की दुकान से निकल कर तेल कारखानों में बिक रहा है। जिम्मेदार भी इस खेल को जानकर अंजान ही नही बल्कि इस खेल को अवैध कमाई का जरिया मानते है।
उचितदर विक्रेताओं के यहाँ राशन कार्ड धारकों को महज लीटर दो लीटर मिट्टी के तेल को लाने में लोहे के चने चबाने पड़ते है। वहीं कोटेदार सब्सिडी युक्त इस केरोसिन ऑयल को कालाबाजारी में ब्लैक कर मोटी रकम काट रहे हैं। इस खेल को जानकर जिम्मेदार भी मौन हैं। इसी का एक उदाहरण मात्र तब नजर आया जब इलाके के ग्राम कटियामऊ से केरोसिन ऑयल से 60 लीटर का गैलन भर कर युवक रैंसो के एक कारखाने पर पहुंचा। यहाँ पीछे से पहुंचे हल्का के सिपाहियों ने केरोसिन भरे गैलन को बाइक सहित धर दबोचा इसके बाद पकड़े गए युवक को लेकर वह स्थानीय कोतवाली पर आये। सूत्रों की माने तो यहाँ सिपाहियों ने ही कुछ देर बाद नजराना वसूल कर बाइक पर लदे तेल सहित युवक को क्लीन चिट देकर भगा दिया। इस मामले की फोटो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुयीं तो इलाकाई पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म नजर आया।