कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे त्रिशंकु विधानसभा के आए हैं। भारतीय जनता पार्टी 104 सीटों के साथ अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरी है, लेकिन उसे सरकार बनाने के लिए आवश्यक 113 से 9 सीटें कम मिली हैं। कुल 222 सीटों में से कांग्रेस को 78 सीटें मिली हैं। दो सीटें अन्य की झोली में गई हैं। जनता दल एस और उसके सहयोगी दल ने 38 सीटों पर विजय हासिल की है। दो निर्वाचन क्षेत्रों में बाद में चुनाव कराया जाएगा।
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार श्री बी एस येदियुरप्पा शिकारीपुर सीट से जीत गए हैं। कांग्रेस के श्री सिद्धरमैया बादामी सीट से जीत गए हैं, लेकिन चामुण्डेश्वरी से हार गए हैं। जनता दल-एस के एच डी कुमार स्वामी को रामानगरम और चेन्नापटना दोनों सीटों पर विजय हासिल हुई है। कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए जनता दल-एस को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है। दोनों दलों ने सरकार गठन के लिए राज्यपाल के सामने दावा पेश किया है।
भाजपा ने बी एस येदियुरप्पा और श्री अनंत कुमार के नेतृत्व में राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का मौका देने को कहा है। श्री येदियुरप्पा ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को अपना बहुमत सिद्ध करने का अवसर दिया जाना चाहिए। श्री कुमार स्वामी, श्री सिद्धरमैया और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी आज शाम राज्यपाल से मुलाकात की और दावा किया कि उनके पास सरकार गठन के लिए आवश्यक बहुमत है। श्री सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस और जनता दल एस के पास 118 विधायक हैं। इससे पहले श्री सिद्धरमैया ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। इस बीच राज्यपाल ने कांग्रेस -जनता दल एस और भाजपा से तब तक प्रतीक्षा करने को कहा है, जब तक निर्वाचन आयोग सभी नतीजों की घोषणा नहीं कर देता। राज्य में नयी सरकार के गठन के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बीजेपी और कांग्रेस ने कल विधायकों की सभा बुलाई है जिसमें उनके नेता चुने जाएंगे। कल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जे़.डी.एस. के नेता देवगौड़ा के बीच संभावित सरकार के ढांचे के ऊपर बैठक होगी। जे.डी.एस. सूत्रों के अनुसार राज्य के अगले मुख्यमंत्री श्रीकुमार स्वामी बनेंगे और उप मुख्यमंत्री का स्थान कांग्रेस को जा सकता है। मगर ये देखना है कि बहुमत साबित करने राज्यपाल सबसे पहले बड़ी पार्टी जो बीजेपी है उसको बुलाती है या फिर कांग्रेस, जे.डी.एस. सहयोग के प्रस्ताव को स्वीकृति देती है। कांग्रेस का मानना है कि जैसे गोवा में बीजेपी को पहला अवसर मिला, उसी तरह कर्नाटका में कांग्रेस और जे.डी.एस. को बहुमत साबित करने का पहला अवसर मिलना चाहिए। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बहुमत जुटाने के लिए संभावित सहयोगियों से बातचीत के लिए तीन केन्द्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर, जे पी नडडा और धर्मेन्द्र प्रधान को कर्नाटक भेजा है।