हरदोई- संडीला में रेलवे कर्मचारियों, जीआरपी, आरपीएफ सिविल पुलिस व चिकित्सकों का संवेदनहीन चेहरा सामने आया है। ट्रेन से गिरकर घायल युवक को अस्पताल में छोड़कर कर्मी भाग गए।डॉक्टरों ने जब उसे इलाज के लिए लखनऊ रिफर किया तो सम्बन्धित लोग भाग निकले जिससे इलाज के अभाव में युवक की सीएचसी पर मौत हो गयी।
उमरताली स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में ट्रेन के नीचे आने से 30 वर्षीय अज्ञात युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे स्टेशन मास्टर ने कर्मियों के साथ संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा था।। जहां डॉक्टरों ने उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। मगर संवेदनहीन जिम्मेदार कर्मी युवक को ट्रामा सेंटर लेजाने के बजाय उसे सीएचसी पर ही छोड़कर भाग गए।
हालांकि सीएचसी के डॉक्टर किसी तरह के उसका उपचार करते रहे लेकिन समुचित इलाज न हो पाने के कारण युवक ने दम तोड़ दिया। युवक की अब तक शिनाख़्त नहीं हो पाई है। जिसके बाद डॉक्टरों ने संडीला पुलिस को सूचना भेजी। सीएचसी अधीक्षक शरद वैश्य का कहना है कि जीआरपी के दो कर्मी युवक को अस्पताल लाये थे। ट्रामा लेजाने की बात पर टालमटोल करते हुए अस्पताल से भाग गए। वहीं जीआरपी प्रभारी का कहना है कि युवक के विषय मे उनको कोई जानकारी नहीं है। उनके किसी पुलिस कर्मी ने युवक को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया है।