हरदोई- भूमाफियाओं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात कहने वाली देश व सूबे की सरकार की मंशा जमीनी सतह पर उतरने के बजाय केवल और केवल कागजों तक ही सीमित रह गई जान पड़ती है । इनकी जड़ें वटवृक्ष के समान गहरी व मजबूत हो गई हैं। शासन व प्रशासन इनके हाथों की कठपुतली बनकर रह गया।
बताते चलें कि जनपद मुख्यालय से चंद कदमों दूरी पर स्थित थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत दुलीचंद चौराहे पर बना एक मंदिर और शादी बारात में प्रयोग किया जाने वाला कुआं भू – माफियाओं की भेंट चढ गया और इन भू माफियाओं ने मंदिर व कुएं को नष्ट कर इमारत बनाने का कार्य तीव्रगति से शुरू कर दिया है। जिससे देश व प्रदेश में काबिज हिंदुत्ववादी सरकार की स्वच्छ छवि भी दागदार होने लगी है । इसके बावजूद भी प्रशासन इस ओर अपनी आंखें बंद करके मौन बना हुआ है। जबकि हिंदुत्ववादी संगठनों तथा मोहल्लेवासियों द्वारा इसकी सूचना आला -अधिकारियों को दी जा चुकी है , लेकिन अधिकारी मामला संज्ञान में ना होने की बात कहकर अपना – अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।जिससे चलते इन भू माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हो चुके हैं ।
प्रशासन का गैर जिम्मेदाराना रवैया मंदिर/कुआं भू- माफियाओं की भेंट चढ़ने को विवश हो गया। जिससे क्षेत्रीय जनता प्रशासन की मिलीभगत होने का बेहद गम्भीर आरोप लगाने को विवश हो गयी क्योंकि उक्त घटना चौकी रेलवेगंज हरदोई के निकट तथा जनपद मुख्यालय की है । जिससे भू – माफियाओं का यह कृत्य खुद-ब-खुद घटना का आकलन कर देती है । जिसके चलते क्षेत्रीय जनता का शक और भी अधिक मजबूत हो जाता है। भू- माफियाओं के इस कृत्य से क्षेत्रीय जनता व हिंदूवादी संगठन काफी आक्रोशित है। जिससे चलते अप्रिय घटना होने की आशंका है।अब देखना यह होगा कि जनपद के तेजतर्रार जिला अधिकारी पुलकित खरे द्वारा इस ओर कौन सा ठोस कदम उठाया जाएगा । जिससे शासन व प्रशासन की छवि को दागदार होने से बचाया जा सके, तो वहीं शासन को भी हिंदू आस्था के प्रतीक मंदिर व कुएं को भू – माफियाओं के चंगुल से बचाने के लिए अपना सख्त रुख अपनाना होगा।
साभार – रिपोर्ट- शैलेन्द्र दीक्षित