हरदोई- रिलायंस जिओ के कर्मचारी की ट्विटर के ज़रिए शिकायत किए जाने को लेकर रिलायंस जिओ यूपी कार्पोरेट कम्युनिकेशन हेड बताने वाली प्रियंका ने फोन के ज़रिए दी पत्रकार को धमकी दी है । आइये पहले पूरा मामला जान लेते हैं, कि आख़िर ऐसा क्या हुआ कि रिलायंस जिओ यूपी कार्पोरेट कम्युनिकेशन हेड बताने वाली प्रियंका ने पत्रकार राज चौहान पर कार्यवाही करने की धमकी दे डाली।
रविवार 17 फरवरी समय 4.11 pm पर पत्रकार राज चौहान ने ट्विटर के माध्यम से एक ट्वीट किया। ट्वीट करते हुए लिखा, हरदोई ज़िले में जिओ के जो टॉवर लगाए जा रहे हैं वो भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण के नियम के अनुकूल नहीं हैं, और यह इसलिए हो रहा है कि ग्रामीण इलाकों में जहां जिओ टावर लगा रहा है, वहां के लोगों ने जिओ के कर्मचारी पर रिश्वत लेकर टावर के लिए ज़मीन पास करने के आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने रिलायंस जिओ, ट्राई सहित हरदोई पुलिस और यूपी 100 को भी टैग किया था।
पत्रकार राज चौहान से जब बात की तो उनका कहना है कि पिछले महीने वो जिओ के ऑफिस गए थे जहां उन्होंने रिलायंस जिओ के कर्मचारी नीरज सिंह से मुलाकात की और इसके बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने सिरे से इस बात को नकार दिया।
सूत्रों की माने तो बीते सप्ताह सांडी थाने के खुटेहना गांव के बीच मे रिलायंस जिओ टावर लगाने के लिए जब कर्मचारी ज़मीन पास करने गए तो गांव वालों ने गांव के बीच मे टावर लगाने के लिए विरोध दर्ज कराया पर मौके पर मौज़ूद रिलायंस जिओ के कर्मचारी नीरज सिंह ने वहीं टावर लगाने की बात करते हुए कहा कि कम्पनी के पास इस ज़मीन का एग्रीमेंट हैं इसलिए यह यहीं आने वाले दिनों में लगाया जाएगा।
जब इस बात की सूचना गांव वालों ने पत्रकार राज चौहान की दी तो कई बार फोन के ज़रिए सम्पर्क साधने की कोशिश राज चौहान ने की पर कर्मचारी नीरज सिंह ने फोन उठाना उचित न समझा।
उसके बाद बीते रविवार को पत्रकार राज चौहान ने ट्विटर के माध्यम से आरोपी कर्मचारी नीरज सिंह की शिकायत की तो यूपी 100 ने तुरंत संपर्क किया और हर संभव मदद का के लिए कहा और मौके पर पुलिस भेजने की बात की, बीते सोमवार सुबह 9 बजपर 15 मिनट पर पत्रकार राज चौहान के पास एक कॉल आई और अपना परिचय देते हुए एक महिला ने कहा कि मैं प्रियंका रिलायंस जिओ यूपी कार्पोरेट कम्युनिकेशन हेड लखनऊ से बोल रही हूं, क्या आपके पास कोई सबूत है जो आप जिओ के कर्मचारी पर आरोप लगा सकें। बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा आप अपना ट्वीट हटा लीजिए अन्यथा कम्पनी आप पर कार्यवाही करेगी।
अब क्या समझ लें जिओ रिश्वत लेने के आरोपी उक्त कर्मचारी पर जांच न बैठाकर ज़ुर्म के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले शख्स पर कार्यवाही की बात करता है, ट्वीट न हटाने पर कार्यवाही करने की धमकी दी जाती है, क्या मान लिया जाए रिलायंस जिओ ने ग्रामीणों की जेब काटने के लिए एक नया तरीक़ा इज़ाद कर लिया है, या यह मान लें कि जो इसके खिलाफ आवाज़ उठाएगा उसको रिलायंस जिओ के प्रदेश स्तर पर बैठे कर्मचारी/अधिकारी धमकियां देंगे?
चाहे वह पत्रकार हो या अन्य अब सवाल यह उठता है कि जब पत्रकारों को जिओ रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी धमकी देने से नहीं चूकती तो आम नागरिक अपनी आवाज़ उठाएं तो कैसे उठायें?
सवाल बहुत हैं पर जवाब के नाम पर मात्र धमकियों ही मिलने की उम्मीद आज के दौर में की जा सकती हैं।