हरदोई- मल्लावाँ ब्लॉक के नयागाँव में रविवार को हुई “यज्ञ कार्यशाला” में नेचुरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जब कोई वस्तु जलती है तो वह सूक्ष्म परमाणुओं में परिवर्तित हो जाती है। परमाणु हल्के होते हैं अतः वह वायुमण्डल में फैल जाते हैं। वायुमण्डल में फैलने से उनका वायु पर लाभप्रद प्रभाव होता है।
बताया जिस प्रकार दुर्गन्धयुक्त वायु स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद व मन के लिए अप्रिय होती है उसी प्रकार गोघृत, गुग्गुल, गुड़ आदि नाना प्रकार के सुगन्धित द्रव्यों के जलने से वायु की दुर्गन्ध दूर होती है और वह सुगन्धित, स्वास्थ्यप्रद व रोगनाशक हो जाती है। डॉ० मिश्र ने कहा अग्नि की ऊपर की ओर उठती हुई लौ में वेदमंत्रों के साथ आहुतियाँ डालने से व्यक्ति सुखी, समृद्ध और यशस्वी होता है। वैद्य बाल शास्त्री ने कहा कि यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। डॉ० राजेश के कहने पर यजमान दिलीप गुप्त ने यज्ञशाला बनवाने का व्रत लिया। पतंजलि योग प्रभारी हरिवंश सिंह, अक्षतानन्द मिश्र, एडवोकेट राजेश पाठक, एडीजीसी सूरज पाल सिंह, सुनील शुक्ल, रत्ना मिश्र, शशिकला सिंह, रेखा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोगों ने आहुतियाँ डालीं।