कछौना (हरदोई) : कोरोना वायरस के बढ़ते मामले व भयंकर प्रकोप को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू है। हालांकि देश के कुछ हिस्सों में सरकार ने तय नियम व शर्तों के साथ आमजनमानस को कुछ रियायतें प्रदान कर रही है। जिसमें मुंह को मास्क अन्य विकल्पों का प्रयोग करते हुए ढंकना, शारीरिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का हर हाल में पालन करना सबसे जरूरी है। लेकिन शुरुआत से ही कई जगहों पर लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होता देखा जा सकता है। कहीं पर पुलिस की सख्ती नहीं तो कहीं पर लोगों में कोरोना का डर नहीं है। जबकि प्रशासन दिन-रात लोगों से लॉकडाउन के दौरान मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने सहित घरों में रहने की अपील कर रहा है। ग्रामीण अंचलों में स्थित बैंकों, डाकघरों, उचित दर विक्रेताओं (कोटेदार) की दुकानों व लगने वाली हाट-बाजारों में उमड़ रही भीड़ इकठ्ठी होकर सरकार के आदेशों सहित सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ उड़ा रही है।
मामला तब शुरू हुआ जब 3 मई को नवीन पटेल नाम के एक फेसबुक यूज़र ने ‘बालामऊ गांव की हकीकत देखो’ नाम से एक पोस्ट की थी । पोस्ट में कुछ नागरिकों द्वारा बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, गांव में हुए सेनेटाइजेशन व प्रवेश द्वारों पर बैरियर लगाने के संबंध में प्रकाशित ख़बर पर सवाल उठाते हुए वास्तविकता के बिलकुल विपरीत व तथ्यहीन ख़बर करार देते हुए ग्राम प्रधान पर मनमाफिक ख़बर निकलवाने का आरोप लगाते हुए फेसबुक पर पोस्ट की थी जो गांव में काफी चर्चा का विषय बनी थी। ग्रामीणों के अनुसार बाहर से आए लोगों को क्वारंटाइन किया गया, दवा के छिड़काव कराने के साथ ज़रूरतमन्दों में मास्क भी बांटे गए ।

गांव के ही निवासी व भाजपा के कछौना मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल के अनुसार गांव बालामऊ की बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों की ग्रामीणों द्वारा जमकर धज्जियाँ उड़ाई जाती हैं। लोग मास्क लगाए/मुंह ढके बिना झुंड की शक्ल में खरीददारी करते हैं। हालांकि विवाद बढ़ने पर नवीन ने कमेण्ट डिलीट कर दिए ।

ज्ञात हो कि पत्रकार सूचना के आधार पर ही ख़बर लिखते है । सम्बन्धित पत्रकार ने भी खबर साक्ष्यों के आधार पर लिखी । जिस समय पत्रकार बन्धु ने बाज़ार की तस्वीर निकाली या निकलवायी, उस समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा था और अक्सर ऐसा होता है । कभी-कभी शाम होते-होते भीड़ बढ़ जाती है । ऐसे में पत्रकार पर उंगली उठाने वाले केवल राजनैतिक कुण्ठा के कारण ग़लतबयानी कर रहे हैं ।

पत्रकारों पर टीका-टिप्पणी बड़ा ही सरल काम है । अपना गरेबान झाँकने के बजाए पत्रकार पर दोषारोपण, पक्ष और विपक्ष का शगल बन गया है । तस्वीरों में पत्रकारिता को लेकर किए गये अनर्गल प्रलाप को आसानी से समझा जा सकता है ।



https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2551775595072354&id=100007198155721उपरोक्त
इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गौतम कनौजिया ने बताया कि बाजार में चूने के गोले बनाकर व्यवस्थित ढंग से बाजार लगवाई जाती है, लेकिन कुछ ही देर बाद लोग उल्लंघन करते हुए भीड़ लगाने लगते हैं। स्थिति ना सुधरने पर बाजार बंद करने का भी निर्णय लिया जा सकता है।
प्रभारी निरीक्षक कछौना राय सिंह ने उपरोक्त संबंध में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि किसी प्रकरण की जानकारी होने पर विधिक कार्यवाई की जाती है। पुलिस ने बाजार जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया और इसके लिए प्रेरित भी किया है। पुनः उल्लंघन होने की जानकारी पर कार्यवाई की जाएगी।