डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (अध्यापक, इतिहासकार/लेखक) :

पं॰ देवनाथ उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के आयोजन के बहाने यह एक स्वागतयोग्य प्रयास है कि ‘स्वतंत्रता प्राप्ति के ध्येय लिए ब्रिटिश राज के विरुद्ध खड़े-लड़े-जूझे और अपना प्राणोत्सर्ग करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, अमर बलिदानियों के त्याग और समर्पणको समय समय पर याद करता रहा जाय, जिससे देश-समाज, अपनी माटी-अपनी थाती, अपना इतिहास-अपना गौरव हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहे। और हम इससे सकारात्मक उर्जा और सेवा भाव की प्रेरणा पाते रहें।
नवानगर ब्लॉक के मलेजी में जन्मे पं. देवनाथ उपाध्याय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी और एम्.ए. करने के दौरान ही राष्ट्रीय स्वातंत्र्य आन्दोलन में सक्रिय सहभागिता करने लगे थे। सन् बयालीस के आन्दोलन में उनकी सक्रियता उनकी अपनी पुस्तक ‘बलिया में क्रांतिऔर दमन’ के अलावा गोविन्द सहाय कृत ‘सन् बयालिस का विद्रोह’, दीनानाथ व्यास कृत ‘सन् बयालिस का महान विप्लव’, दुर्गा प्रसाद गुप्त कृत ‘सन् बयालिस में बलिया की जनक्रान्ति’ सहित ज्ञानेन्द्र पाण्डेय की ‘द इंडियन नेशन इन 1942’ सहित तमाम ऐतिहासिक विवरणों में स्पष्टतया दृष्टिगोचर होती है।
सन बयालिस के आन्दोलन के दौरान पं. देवनाथ उपाध्याय DAV स्कूल, बेल्थरारोड के प्रिंसिपल थे। फरारी, गिरफ़्तारी और अठारह महीनों के यातनापूर्ण कारावास के काल को उन्होंने उसी तासीर के साथ अपनी कृतियों में शब्दबद्ध किया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होने 1951-52 में बेल्थरारोड़ में डी.ए.वी. कालेज की स्थापना की और वहाँ के प्रधानाचार्य रहे। 1990 में यहाँ उन्होंने सेनानियों के स्मारक का निर्माण कराया। पं. देवनाथ जी ने अपने प्रयास से नवानगर में एक पुरूष एवं एक महिला अस्पताल की स्थापना करायी। जुलाई 1978 में उन्होंने क्षेत्र की बालिकाओं की शिक्षा हेतु नवरतनपुर,नवानगर में एक स्वतंत्रता सेनानी बालिका विद्यालय की स्थापना की, और मृत्युपर्यंत उससे संलग्न रहे। आज भी बलिया जनपद के नवानगर ब्लाक व बेल्थरारोड ब्लाक में उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यो की चर्चा जनमानस में होती है।शिक्षा के क्षेत्र में किये गए उनके कार्यों ने उन्हें क्षेत्र में मालवीय जी की उपाधि और ख्याति दिलाई।
दैहिक दूरी ने नियमों का परिपालन करते हुए आज दिनांक 20 जुलाई 2020 को नवरतनपुर, बलिया स्थित स्वतंत्रता सेनानी बालिका विद्यालय पर सन 42 के आंदोलन के सक्रिय सहभाग करने वाले अमर सेनानी पं.देवनाथ उपाध्याय जी की 28वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रहने का हमें सुअवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंध समिति के संरक्षक डॉ. चन्द्रशेखर उपाध्याय संग पं. देवनाथ उपाध्याय जी के मानस पुत्र रहे श्री अबरार अहमद खां सहित प्रधानाध्यापिका श्रीमती शीला सिंह, शैक्षणिक औद्योगिक एवं सेवा संस्थान की प्रबंधक डॉ. प्रीति उपाध्याय, मा. वि. डूहाँ के प्राचार्य श्री अजय प्रताप मिश्र, श्री संजय सिंह तथा विद्यालय के समस्त अध्यापिकावृंद एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने पं. देवनाथ उपाध्याय जी के जीवन-कृतित्व-और कर्तृत्व का स्मरण कर पुष्पांजलि संग श्रद्धांजलि अर्पित की।
देवनाथ उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के आयोजन के बहाने यह एक स्वागतयोग्य प्रयास है कि ‘स्वतंत्रता प्राप्ति के ध्येय लिए ब्रिटिश राज के विरुद्ध खड़े-लड़े-जूझे और अपना प्राणोत्सर्ग करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, अमर बलिदानियों के त्याग और समर्पणको समय समय पर याद करता रहा जाय, जिससे देश-समाज, अपनी माटी-अपनी थाती, अपना इतिहास-अपना गौरव हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहे। और हम इससे सकारात्मक उर्जा और सेवा भाव की प्रेरणा पाते रहें।