शरदेन्दु मिश्र ‘राहुल’ (सह सम्पादक) :
बिलग्राम हरदोई जहां एक ओर पूरा विश्व 21वीं सदी को भारत की शताब्दी कह रहा है । भारत की अर्थव्यवस्था का बडा़ हिस्सा भी मिशन चांद; मंगल; बुलेट ट्रेन पर खर्च किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने शासन प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है ।
मामला है जनपद हरदोई के विकास क्षेत्र बिलग्राम के कटरी बिछुइया का चिरंजूपुरवा गांव का यह गांव आज से लगभग चार दशक पूर्व गंगा नदी के दिशा बदलने के कारण कटान मे समाहित हो गया । गंगा नदी द्वारा दूसरी ओर खाली जमीन पर गांववासियों ने अपना आशियाना बना लिया गया जिसके बाद गांववासियों को शुरु हुआ सरकार से मदद का इंतजार, जो आज भी जारी है ।

गांव मे लगभग 150 परिवारो के 700 लोग आज भी शत-प्रतिशत फूस की झोपड़ी में रहते है । गांव के 5 किलोमीटर दायरे में न तो आंगनबाडी़ केन्द्र प्रथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक विद्यालय तक नहीं है । रोशनी के लिये बिजली से अनजान लोग दिया ढिबरी का सहारा लेते है । आवश्यक सेवाओ के लिये लोग नाव या गंगा तैर कर पूर्ति करते है ।

ग्रामवासियो की बुनियादी समस्याओं के निस्तारण के लिये ‘नमामि गंगे के संयोजक अशोक सिंह‘ ने स्थानीय विधायक आशीष सिंह आशू से पत्र लिखवा कर दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री समेत प्रदेश स्तर पर भी स्थानीय नागरिको की समस्याओ को उजागर किया है । ज्ञात हो कि स्थानीय सांसद अशोक रावत के समक्ष भी ग्रामीणो ने अपनी समस्याओं को उठाया पर सांसद की उदासीनता से ग्रामीण बहुत आहत है।
इस क्षेत्र में प्रशासन की ओर से एक नहर निर्माण कार्य किया जा रहा है । यह नहर इस क्षेत्र विशेषकर गंगा क्षेत्र या टापू में बसे चिरंजूपुरवा के लिए वरदान साबित हो सकती है बशर्ते थोड़ी लम्बी और गहरी हो ।

गाँव के लोग चाहते हैं कि नहर और गहरी तथा लम्बी हो
भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह गांव के पास से निकाली जा रही नहर को और गहरा कराने के प्रयास में है जिससे बंधा बन सके । यह तट बंध इस गाँव की सूरत बदल सकता है ।