कस्बे में कई नगरवासी डेंगू की चपेट में और कई गवां चुके हैं जान

स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, विभाग आमजनमानस के स्वास्थ्य से बेख़बर

कछौना/हरदोई:- विकास खंड कछौना के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत विकास खंड कछौना के 2011 के अनुसार 175000 की आबादी है जिसे स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने में बेबस नजर आ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आबादी के अनुपात पर डॉक्टरों की कमी है जिसमें अधिकांश डॉक्टर नियमित रूप से नहीं आते हैं। दवाओं के नाम पर महज सामान्य बीमारियों की दवाएं उपलब्ध होती हैं। अक्सर डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं। डॉक्टरों द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों के आपसी गठजोड़ के चलते मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है।

वर्तमान समय में मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। डेंगू के मरीजों की संख्या सैकड़ों के पार पहुंच गई है, कई तो मौत के घाट उतार चुके हैं, मंगलवार सुबह कस्बे के तिलकनगर निवासी महेश प्रजापति (55) की लखनऊ के निजी अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई।

कस्बे में अवैध रूप से दर्जनों निजी पैथोलॉजी बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं जिसमें जांच के नाम पर आमजनमानस का आर्थिक शोषण हो रहा है। पैथोलॉजी सेंटरों का आलम यह है कि किसी मरीज द्वारा जांच कराने पर रिपोर्ट अलग-अलग तरह की आती है। पैथोलॉजी के रिपोर्टों में काफी अंतर होता है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में समुचित इलाज के अभाव के चलते मरीज निजी नर्सिंग होम व झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को विवश हैं। स्वास्थ्य विभाग सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के संयोजक रामखेलावन कनौजिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।

ख़बर:- पी0डी0 गुप्ता