गूंज कलम की” राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के मुख्य मंच पर हुई आशुलेखन प्रतियोगिता

पटना-"गूँज कलम की"संस्था पटना, बिहार के मुख्य मंच के वाट्स एप समूह पर दिनांक 10/07/2022 को शाम 4 बजे से 5 बजे तक आशुलेखन काव्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।

मुख्य संचालिका सुशी सक्सेना, इंदौर (मप्र) ने बताया कि मंच पर संस्था अध्यक्ष डॉ. स्नेह लता द्विवेदी,पटना, बिहार से,समूह प्रभारी कृष्ण चतुर्वेदी, बूंदी (राजस्थान) से तथा मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ.राजेश कुमार शर्मा भवानी मंडी झालावाड़ (राज.)से उपस्थित रहे।

प्रतिभागी रचनाकारों में जुगल किशोर पुरोहित बीकानेर से,सुशी सक्सेना इंदौर मप्र से,नीलम नारंग मोहाली पंजाब से, डॉ.कवि कुमार निर्मल,पुष्पा निर्मल बेतिया बिहार से,रीता खरे मुंबई से,सरोज कंवर शेखावत जयपुर से,अलका जैन इंदौर से, डॉ.मीना कुमारी सोलंकी हरियाणा से, महेंद्र राज चौहान अजमेर से,संत कुमार सारथि नवलगढ़ से,नीलम व्यास जोधपुर से,नेहा पण्डित दिल्ली से, डॉ.नीलम अजमेर से,नीति गुप्ता लुधियाना पंजाब से उपस्थित हुए और लगातार एक घंटे तक प्रदत्त विषय 'आंसू 'पर काव्य लेखन किया। जुगल किशोर पुरोहित ने "तुम्हारी याद ने हमको पल-पल रुलाया है"कहकर अश्रु जीवन की व्याख्या की। नीलम नारंग ने "आज फिर तुम बहुत याद आए, नैनों में आसूं छलक आए" कहते हुए सुंदर रचना दी।सुशी सक्सेना इंदौर ने "जब उसकी बातें दिल में हलचल मचाती है,मेरे रुखसारों पर फिर ढह जाते है आंसू।"रचना के माध्यम से दिल छू लिया। पुष्पा निर्मल ने "नयन मिले तुमसे ही"कविता पढ़ी।सरोज कंवर शेखावत ने"दर्द दिल का बनके बहता आंसुओं में ", डॉ.स्नेह लता द्विवेदी जी ने "जल की कहानी "डॉ.कवि कुमार निर्मल ने "कवियों की गोपनीय वार्ता", डॉ.मीना कुमारी सोलंकी ने "तुझे पाना और अरमानों का लुट जाना", महेंद्र राज चौहान ने"कोरा कागज भी रोया",नीलम व्यास जोधपुर ने "विरहन मन रोया,नयन जल भीगती।"घनाक्षरी पढ़ी। डॉ.नीलम ने "पीर थी घनी हृदय में ", नेहा पण्डित ने "अब तुम मेरे हो जाओ" शानदार रचना लिखी।अंत में कृष्ण चतुर्वेदी ने "मैं लफ़्ज़ों में ढूंढता,भूल जगत की रीत। चित्र आंसुओं में खिंचा,दिखे नयन में मीत।।" पढ़ते हुए सभी कलमकारों का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया।