मेरी पक्की सहेली

मेरा नाम दिशा है, मैं नौवीं कक्षा में पढ़ती हूं। मेरी एक सहेली थी जिसका नाम पायल था। जो मेरे साथ पहली से आठवीं तक पढ़ती थी। अब मैं नौवीं कक्षा में प्रवेश कर चुकी हूं, मेरी एक नई सहेली बनी है जिसका नाम खुश्बू है। मैं अपनी पुरानी सहेली को छोड़ चुकी हूं। मैंने एक दिन उससे लड़ाई की थी, जिसकी वजह से मैंने यह दोस्ती छोड़ दी।

एक दिन मैं और मेरी नई सहेली छत पर खेल रहे थे, तब अचानक मेरा पैर फिसला और मैं छत से नीचे गिरने वाली थी कि मैंने सरिए को पकड़ लिया और मेरी नई सहेली वहां से चली गई। मेरी पुरानी सहेली अचानक से छत पर आई तो उसने रोने की आवाज सुनी। जब उसने देखा कि मैं सरिए को पकड़कर लटकी थी। उसने मेरी जान बचाई तब मुझे एहसास हुआ कि मेरी पुरानी सहेली ही अच्छी है न कि मेरी नई सहेली।

दिशा, कक्षा : नवम्
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,
गाहलियां