भवानीमंडी:-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूलिया में सिक्खों के 10 वें गुरु गोविंदसिंह जी के साहिबजादों जोरावर सिंह व फतेहसिंह के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में शनिवार को मनाया गया।
प्रधानाचार्य गंगा प्रसाद गुदराशिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों ने साहस और देशभक्ति के साहसिक कार्य किये देश व धर्म की रक्षा के लिए वे शहीद हो गए। जोरावर सिंह व फतेहसिंह जी को जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया। दोनों का शौर्य व बलिदान इतिहास में अमर हो गया। वे दोनों ने धर्म के महान सिद्धान्तों से विचलित होने के बजाय मौत को चुना साहस और न्याय की स्थापना की।
इस अवसर पर उत्सव प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि चारों साहिबजादों की बहादुरी ने देश के लाखों लोगों को ताकत दी है। जोरावर सिंह व फतेहसिंह जी ने कभी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।उन्होंने सौहार्दपूर्ण विश्व की कल्पना की। शीतकालीन अवकाश होने से वीर बाल दिवस 24 दिसम्बर को मनाया गया। व्याख्याता वन्दना गुनसारिया ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरु गोविंदसिंह जी के पुत्रों ने अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास का सबसे बड़ा बलिदान दिया इनको श्रद्धांजलि देने हेतु आज हम सभी वीर बाल दिवस मना रहे हैं। शीतकालीन अवकाश के बाद जोरावर सिंह जी व फतेहसिंह जी के जीवन चरित्रों पर आधारित निबन्ध प्रतियोगिता व फ़िल्म का प्रदर्शन भी किया जायेगा।
वीर बाल दिवस पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत काव्य पाठ किया। इस दौरान ऋतु श्री महावर वरिष्ठ अध्यापिका रेखा बैरागी अध्यापिका मांगीलाल मीणा वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार शर्मा अध्यापक ने किया।