हिन्दी साहित्य सम्मेलन का राष्ट्रीय अधिवेशन महाराष्ट्र मे २५ फ़रवरी से

हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग का द्विदिवसीय ७४वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन २५ फ़रवरी से २६ फ़रवरी तक शान्ती भवन, बापू कुटीर, सेवाग्राम, वर्धा (महाराष्ट्र) मे आयोजित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि सम्मेलन की ओर से यह आयोजन ७३ वर्षों से किया जाता रहा है। प्राय: यह अधिवेशन अहिन्दीभाषाभाषी राज्यों मे आयोजित किया जाता रहा है।

ज्ञातव्य है कि हिन्दी साहित्य सम्मेलन अधिवेशनो के माध्यम से हैदराबाद, पणजी, तिरुवनन्तपुरम्, चेन्नई, गुवाहाटी, द्वारका, पुरी, कन्याकुमारी, शान्तिनिकेतन, मुम्बई, भुज, शिलांग, तिरुपति, ईटानगर, सोलन आदिक अहिन्दीभाषाभाषी क्षेत्रों मे हिन्दीभाषा और साहित्य का विधिवत् प्रचार-प्रसार करता आ रहा है और वहाँ की भाषा, साहित्य तथा संस्कृति को अनुवादिक माध्यम से समृद्ध करने कार्य करता आ रहा है।

डॉ० अखिलेश मिश्र (भारतीय राजदूत, ऑयरलैण्ड) वर्धा (नागपुर) मे द्विदिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन २५ फरवरी को करेंगे। डॉ० के० श्रीनिवास राव (सचिव― साहित्य अकाडमी, दिल्ली मुख्य अतिथि होंगे।

हिन्दी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमन्त्री विभूति मिश्र के सूचनानुसार, पहले दिन अधिवेशन-उद्घाटन का कार्यक्रम होगा और २६ फ़रवरी को तीन सत्र आयोजित होंगे :― प्रथम सत्रान्तर्गत ‘पवनार-आश्रम मे लिपि-चर्चा की जायेगी। द्वितीय सत्र (साहित्य-परिषद्) के अन्तर्गत ‘हिन्दी की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत’ तथा तृतीय सत्र (राजभाषापरिषद्) के अन्तर्गत ‘हिन्दीभाषा-प्रौद्योगिकी’ विषय पर विद्वज्जन विचार-विमर्श और परिसंवाद करेंगे। अन्त मे, ‘खुला अधिवेशन एवं सम्मान-समारोह का आयोजन होगा। उक्त आयोजन ‘राष्ट्रभाषा प्रचार समिति’, वर्धा के सौजन्य से किया जायेगा।