हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कोषाध्यक्ष डॉ० कैलाशचन्द्र मौर्य की स्मृति में शोकसभा सम्पन्न

हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभागार में प्रधान मन्त्री श्री विभूति मिश्र की अध्यक्षता में आज एक शोकसभा आयोजित की गयी, जिसमें शिक्षाविद्, पत्रकार तथा हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अर्थमन्त्री डॉ० कैलाशचन्द्र मौर्य के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। सम्मेलन के सहायक मन्त्री श्री श्यामकृष्ण पाण्डेय ने उन्हें एक अनुशासित और कर्मठ अर्थमन्त्री बताया। दिवंगत डॉ० मौर्य के शिष्य राधारमण इण्टर कॉलेज, दारागंज के अपने विद्यार्थी-जीवन के समय उनसे गणित-विषय का ज्ञान प्राप्त करनेवाले भाषाविद् डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने डॉ० मौर्य को एक कुशल शिक्षक, व्यवहार-कुशल पत्रकार तथा एक सजग व्यक्तित्व के रूप में निरूपित किया। अर्थविभाग प्रमुख श्री लक्ष्मीनारायण पाण्डेय, परीक्षायोजक श्रीनिवास पाण्डेय, शेषमणि पाण्डेय, सन्तनारायण आदि ने डॉ० कैलाशचन्द्र मौर्य के प्रति अपनी शोक-संवेदना प्रकट की। उसके बाद सम्मेलन को बन्द कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि ७७ वर्षीय डॉ० कैलाशचन्द्र मौर्य हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अनेक पदों पर दशकों तक कार्य किया। वे आजीवन अविवाहित रहे। उनकी भतीजी सुजाता उन्हें उनके पत्रकारीय कार्यों में सक्रिय सहयोग करती थीं। वे समाचार-समिति ‘युनीवार्त्ता’ के हिन्दी-संस्करण में इलाहाबाद के ब्यूरो प्रमुख भी थे।