कछौना (हरदोई)– नगर पंचायत कछौना पतसेनी में अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बुरी तरह बेहाल हैं। केंद्रों का संचालन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं के मनमाने रवैए के फलस्वरूप केंद्रों पर पंजीकृत गर्भवती/धात्री महिलाओं, किशोरियों व नौनिहालों की सेहत सुधारने के लिए दिया जाने वाला पोषाहार व अन्य वस्तुएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।
कछौना में सिर्फ गिने-चुने केंद्रों पर ही संचालन की औपचारिकता निभाई जा रही है। कार्यकत्रियों की कार्यशैली से लाभार्थियों में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसके चलते लाभार्थियों द्वारा अब ‘महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री’ को शिकायत भेजकर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
बताते चलें कि कछौना टाऊन के लगभग दो दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिकांश केंद्रों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। कछौना टाउन के काशीनगर, रेलवेगंज, तिलकनगर, सदर बाजार सहित अधिकांश केंद्रों पर कई शिकायतों के बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां अपनी कार्यशैली में सुधार लाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी पर्यवेक्षण व लापरवाह वर्करों के विरुद्ध कार्रवाई करने में जमकर कोताही बरती जाती है। लिखित शिकायत दर्ज कराने पर शिकायतकर्ताओं को धमकी देने, फर्जी मुकदमे में फंसाने के साथ-साथ शिकायत को निराधार व झूठी बताकर तथा मनमानी आख्या लगाकर आदि फर्जी तरीके से शिकायत को निस्तारित कर दबा दिया जाता है। संबंधित मुख्य सेविका व बाल विकास परियोजना अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण तथा संरक्षण के चलते आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के हौसले बुलंद रहते हैं।
कछौना के वार्ड नंबर-3 के केंद्र सदर बाजार-2 की महिला लाभार्थियों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका की कार्यशैली के विरुद्ध कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य से कई बिन्दुओं पर शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। कई लाभार्थियों व उनके परिवारजनों ने बताया कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री मीना कुमारी व सहायिका मंजू द्वारा केंद्र संचालन में घोर लापरवाही बरतना, अनियमित पोषाहार वितरण, दुकानों पर पोषाहार व अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिक्री होना आदि शिकायतें आम हैं। कार्यकर्त्री की स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है और उल्टा हमें ही धमकियां मिलती हैं कि ज्यादा शिकायत करोगी तो जो राशन मिलता भी है वो भी नहीं दिया जाएगा।
लाभार्थियों ने कहा हम सभी लोगों के कार्ड (मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड) भी कार्यकत्री अपने पास ही हरदम जमा रखती हैं। वहीं इस संबंध में जब जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) से उनका पक्ष जानने हेतु संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर मामला टाल दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री की कार्यशैली से आक्रोशित लाभार्थियों ने अब जिलाधिकारी (डीएम) व उत्तर प्रदेश सरकार में बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य को शिकायत भेजकर संबंधित प्रकरण पर संज्ञान लेने व कठोर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।