राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

हरदोई–  राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूल कार्यक्रम के तहत जनपद  में 10 अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान प्रस्तावित है जिसके तहत लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा आइवरमेक्टिन, डाईइथाइल कार्बामजीन और एल्बेंडाजोल (आईडीए) का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कराया जाएगा।

इसी क्रम में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ समीर वैश्य ने सभी ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक समुदाय प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) और ग्राम स्वास्थ्य कार्यकर्ता (वीएचडब्ल्यू) को एमडीए अभियान में सक्रियता के साथ प्रतिभाग करने एवं अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि सभी ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर का प्रशिक्षण समय से पूरा किया जाए और 17 से 31 जुलाई तक सर्वे का काम पूरा किया जाए जिससे 10 अगस्त से एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाना सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में जिला मलेरिया अधिकारी जीतेंद्र यादव ने बताया कि हमें फाइलेरिया की अपडेट लाइनलिस्ट एमडीए के तुरंत बाद ही उपलब्ध कराएं। जिससे रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्याङ्गता-उपचार (एमएमडीपी) का कार्यक्रम सही दिशा में सुनिश्चित किया जा सके। सहयोगी संस्था पाथ की डॉ० आयशा द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी को कार्यक्रम में कीजाने वाली रिपोर्टिंग के बारे में अवगत कराया गया और कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गयी।

फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है जिसे सामान्यतः हाथी पाँव के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी मे पैरों व हाथों में सूजन (हाथीपांव), पुरुषों में हाइड्रोसील (अंडकोश की सूजन) और महिलाओं के स्तन में सूजन आ जाती है।

इस मौके पर सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और सहयोगी संस्था  सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) और प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) के प्रतिनिधि मौजूद रहे।