अनियंत्रित होकर खाई में गिरी डीसीएम, व्यापारी सहित तीन मादा भैंसों की गयी जान

दीपक कुमार श्रीवास्तव, कछौना

कछौना (हरदोई): प्रदेश की राजधानी और जनपद हरदोई को जोड़ने वाले लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर जनपद हरदोई की कोतवाली कछौना और थाना बघौली की सीमा पर स्थित डबल नहर के पास मौजूद खाई आए दिन दुर्घटनाओं की वजह बनी हुई है । विभागीय अनदेखी और लापरवाही के चलते यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं । गुरुवार- शुक्रवार की रात लगभग 2:00 बजे कई भैंसो से लदी डीसीएम अनियंत्रित होकर इसी खाई में जा घुसी । इस हादसे में एक व्यापारी सहित तीन भैंस की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई । कोतवाली कछौना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए भेजते हुए कार्यवाही शुरू कर दी ।                 

बताते चलें कि बरेली शहर के व्यापारी जिला बस्ती के नारायणपुर बाजार से डीसीएम से भैसें लादकर बिक्री हेतु सैदपुर बरेली ले जा रहे थे, इसी दौरान लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर डबल नहर के पास तीव्र मोड़ के कारण डीसीएम अनियंत्रित होकर खाई में चली गई । डीसीएम में तीन व्यापारी, एक ड्राइवर व एक हेल्पर समेत 18 भैसें लदी हुई थीं । इस हादसे में व्यापारी मो० हनीफ (55 वर्ष) पुत्र मो० लहीक निवासी मुड़िया जागीर थाना देवरनिया जिला बरेली सहित तीन भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो व्यापारी, ड्राइवर, हेल्पर सहित कई मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गये । घटना की सूचना पर कछौना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्तियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां पर उनकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया । घायल बबलू पुत्र शरीफ अहमद उम्र 20 वर्ष, इमरान पुत्र शरीफ उम्र 19 वर्ष, गोविंद अहमद पुत्र मो०यामीन व अयूब निवासीगण बरेली का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है

जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते डबल नहर बन चुका है दुर्घटना पॉइंट

लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर डबल नहर पर तीव्र मोड़ के कारण आये दिन दुर्घटनाये होती रहती हैं । प्रशासन द्वारा वाहनों को तीव्र मोड़ से सावधान करने हेतु कोई संकेत सूचक भी नहीं लगाया गया है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ डिवाइडर न होने के कारण वाहन भ्रमित होकर अन्य वाहनों से टकरा जाते हैं या अनियंत्रित होकर नहर व खाई में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं । पिछले कुछ महीनों में कई वाहन डबल नहर के पास स्थित खाई में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं जिसमें कईयों की जान जा चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल होकर अपंग हो चुके हैं । इसके बावजूद प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में कुंभकर्ण की नींद सोया हुआ है ।