रविवार को जिलाधिकारी के आदेश पर क्षेत्र के गाँव ढफरापुर मजरा साखिन में आवासों में हुए घपलों की विवेचना करने पहुँचे विवेचक हरेन्द्र यादव के साथ अपने को पत्रकार बताकर उलझ गया । उसने पत्रकारिता का रौब दिखाते हुए विवेचक से उल्टे सीधे प्रश्न करते हुए गाँव आने का कारण पूछा ।
दरोगा के द्वारा प्रेस आई डी मांगने पर कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सका । जिसको लेकर विवेचक व फर्जी रिपोर्टर के बीच काफी बहस हुई । उसके पास मौजूद बाइक पर प्रेस लिखा हुआ था । कोई हमराही साथ में न होने के कारण काफी जिद्दोजहद के बाद बाइक समेत तथाकथित पत्रकार को अंततः हिरासत में लिया गया । बाइक को ग्रामीण सद्दाम के द्वारा थाने पहुंचाया गया। लेकिन विचारणीय है कि तथाकथित पत्रकार को छोड़ भी दिया गया है ।