प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तरप्रदेश में बागपत में दिल्ली के बाहरी इलाके से होकर गुजरने वाले देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग — ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे — को राष्ट्र को समर्पित किया। 135 किलोमीटर लम्बे और छह लेन वाले इस एक्सप्रेस मार्ग में पर्यावरण और दुर्घटनाओं की दृष्टि से सुरक्षा के विश्वस्तरीय इंतजाम किए गए हैं। इस मार्ग से गाजियाबाद, फरीदाबाद, गौतमबुद्धनगर और पलवल के बीच सिगनल मुक्त सड़क सम्पर्क स्थापित हो जाएगा। इस परियोजना की आधारशिला नवम्बर, 2015 में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ही रखी थी।
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आयी है और इसमें सौर ऊर्जा के जरिए रोशनी तथा वर्षा जल के संचय से पानी का इंतजाम किया गया है। यह मार्ग कुंडली से शुरू होकर सोनीपत, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और पलवल शहरों को जोड़ता है, इससे कुंडली से पलवल का चार घंटे से अधिक का सफर सिर्फ 72 मिनट में किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली की सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय राजधानी प्रदूषण का स्तर भी कम होगा। बागपत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश के 125 करोड़ लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बुनियादी ढांचे की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवनस्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है और यही ”सबका साथ सबका विकास” का रास्ता है। क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर जात-पात पंथ संप्रदाय, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब ये किसी में भेदभाव नहीं करता।
श्री मोदी ने कहा कि देश में तीन लाख करोड़ रुपए की लागत से 28 हजार किलोमीटर लम्बे राजमार्गों का जाल बिछाया गया है। उन्होंने कहा कि राजमार्ग, रेलमार्ग, हवाई मार्ग और इनफारमेशन हाइवे सरकार की प्राथमिकता हैं। कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंशवाद के समर्थक, लोकतंत्र का सम्मान नहीं कर सकते। कांग्रेस को गरीब और दलित विरोधी करार देते हुए श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की लोकतंत्र या संवैधानिक संस्थाओं में कोई आस्था नहीं है। इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का कार्य अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा। इससे पहले, आज सुबह श्री मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निजामुद्दीन पुल से लेकर उत्तर प्रदेश सीमा तक के सड़क खंड का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने रोडशो कार्यक्रम के तहत इस एक्सप्रेसवे मार्ग पर लगभग 6 किलोमीटर तक खुली जीप में सफर किया। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे के पूरे हो जाने पर दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वालों को काफी सुविधा होगी और अब तक पांच घंटे के सफर को वे 45 मिनट में पूरा कर सकेंगे।