बाढ़ की आंशकाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने की सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पूर्ण

अंकित सक्सेना बदायूँ-

बदायूं में बाढ़ की आंशकाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली हैं। इन सभी व्यवस्थाओं को परखने के लिए डीएम ने मॉक एक्सरसाइज़ अपने सामने कराया। यहां ग्रामीणों ने डूबकर दिखाया और मल्लाहों ने उन्हें बचाने का अभ्यास किया। दूर टीले पर खड़े लोगों को बचाने के लिए मोटर वोट का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया एवं ग्रामीणों को खाद्य सामग्री वितरित की गई।

गुरुवार को तहसील दातागंज अन्तर्गत ग्राम हजरतपुर में रामगंगा नदी के तट पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेन्द्र बहादुर एवं उप जिलाधिकारी दातागंज कुंवर बहादुर सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ अशंका वाले ग्रामों का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां डीएम के समक्ष ग्रामीणों ने डूबकर दिखाया, जिन्हें गोताखोर और मल्लाहों ने बखूबी बचाने का काम करके दिखाया। डूबे हुए लोगों के पेट से पानी निकाला गया। वहीं प्राथमिक विद्यालय में राहत केन्द्र बनाया गया है। डीएम ने लोगों को बताया कि बाढ़ आने पर ग्रामीणों को 16 प्रकार की सामग्री वितरित की जाएगी, जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 05 किलो लाई, 02 किलो भुना चना, 02 किलो अरहर दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, 05 लीटर केरोसिन, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, एक लीटर रिफाइंड तेल तथा 10 क्लोरीन की टैबलेट उपलब्ध होंगी। तत्पश्चात पूर्ति विभाग की ओर से ग्रामीणों को भोजन कराया गया।

डीएम ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। बाढ़ आने पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होगी, बचाव, राहत कार्य जारी रहेगा। बाढ़ आने की स्थिति में सभी लोग सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाए। बाढ़ के बाद संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण पीने के 20 लीटर पानी को उबालकर उसमें क्लोरीन की एक गोली डालकर आधे घंटे पेयजल के रूप में प्रयोग करें, क्लोरीन की गोली का वितरण आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा जारी है। घर व अपने आसपास साफ-सफाई रखें।

ग्राम प्रधान का दायित्व है कि गांव में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग कराएं। गांव में यदि कोई व्यक्ति बीमार होता है तो प्रधान, आंगनबाड़ी एवं आशा की जिम्मेदारी है कि उसे झोलाछाप डॉक्टर के पास न ले जाकर सीधे सामुदायिक अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल तथा मेडीकल कॉलेज में उसका उपचार कराएं। आपातकालीन परिस्थिति में 108 पर कॉल करके एम्बुलेंस का प्रयोग करें।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाढ़ आने से पूर्व ग्रामीण अपना कीमती सामान बांधकर रखें, जिससे बाढ़ आने पर सामान को उठाकर भागा जा सके। हमेशा शुद्ध पेयजल का ही प्रयोग करें, गंदे व दूषित पानी के प्रयोग से डायरिया होने का खतरा बना रहता है। इस अवसर पर एसपी आरए डॉक्टर सुरेन्द्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।