सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

नाबालिग बेटियाँ बन्धक और माँ मांगती न्याय; लेकिन साहब कह रहे पूरा मामला फर्जी

बेनीगंज/हरदोई : बहराइच जनपद के भिनगा गांव निवासी सरोरी ने शनिवार शाम कोतवाली बेनीगंज में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि मैं अपने पति असलम व बच्चों समेत बढ़ईयनपुरवा स्थित सांगवान पोल्ट्री फॉर्म में काम करती हूं। मौजूदा समय में मेरे 3 माह के दुधमुहें बच्चे अरमान की तबीयत खराब होने पर जब मैंने उक्त फैक्ट्री के मुंशी से इलाज हेतु पैसे मांगे तो मुंशी मुझे पैसा देने से आनाकानी करता रहा, जिसके पश्चात मुंशी ने मुझे इलाज के लिए पैसे दिए तो रात हो जाने से मैं अपने बच्चे का इलाज समय से नहीं करा सकीं जिसके कारण शनिवार सुबह करीब 4 बजे मेरे बच्चे का देहांत हो गया। मुंशी ने इलाज हेतु 1 हजार रुपए दिए जिसके बाबत उसने मेरे पति असलम से सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। साथ ही उसने मेरी दो नाबालिग लड़कियों सानिया 14 व सायमा 12 वर्ष को फैक्ट्री में बंधक बना लिया है।

उसने कहा कि जब आप मेरा 40 हजार रूपए दोगी तभी वहां से परिवार सहित घर वापस जा पाओगी। पीड़िता के अनुसार उसका फैक्ट्री कर्मियों से कोई लेनदेन का हिसाब नहीं है। उसके बावजूद उसे परेशान किया जा रहा है। उसने कहा पोल्टी फार्म कर्मचारी सुरेंद्र राजपूत मुझे बराबर धमका रहे हैं। मामले की जानकारी करने पर प्रभारी निरीक्षक गंगा प्रसाद यादव ने बताया कि जानकारी कर लीजिए, वैसे जांच की गई है पूरा मामला फर्जी है।

**मामले मे पैसे के लेन-देन की बात और महिला द्वारा विक्टिम कार्ड खेलने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है।