भाजपा नेताओं की पिटाई से गुस्साए चिकित्सक हड़ताल पर

आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर बन्द हो गयी ओपीडी, न हुई कार्रवाई तो 10 तारीख को चिकित्सक देंगे सामूहिक इस्तीफा

                जिला अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट डा. इंद्र सिंह के साथ बुधवार की शाम हुई घटना को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने आंदोलन का एलान कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिले भर के सीएचसी व पीएचसी में हड़ताल शुरू कराकर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और कहाकि दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार एफआइआर दर्ज कर आरोपितों भाजपा जिलाध्यक्ष समेत अन्य की गिरफ्तारी कार्रवाई न हुई तो 10 को सभी चिकित्सक सामूहिक स्तीफा देंगे और हड़ताल प्रदेश व्यापी होगी।हड़ताल के दौरान चिकित्सक आकस्मिक सेवा और पोस्टमार्टम छोड़कर कोई काम नहीं करेंगे
              रेडियोलाजिस्ट डा. इंद्र सिंह ने मनमाफिक एक्स रे रिपोर्ट न बनाने पर भाजपा नेताओं के धमकाने और जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, अधिवक्ता रामचंद्र राजपूत, राजेश अग्निहोत्री, आकाश सिंह समेत छह अन्य पर बुधवार की शाम एक्सरे कक्ष में मारपीट करने और अभिलेख फाड़ने आदि आरोप लगाए थे। उसी को लेकर गुरुवार की शाम प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई की अध्यक्ष डा. स्वामी दयाल और मंत्री डा. शरद वैश्य की मौजूदगी में बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में चिकित्सकों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी। चिकित्सकों का कहना है कि इस घटना के बाद काफी आक्रोश है और चिकित्सक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश चिकित्सा सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था (हिंसा एवं संपत्ति की क्षति का निवारण) अधिनियम 2013 के तहत मामला दर्ज कर 24 घंटे में गिरफ्तारी की जाए।
            हालांकि इस मामले में डीएम पुलकित खरे ने आरोपी चिकित्सक को जिले से रिलीव कर दिया था।लेकिन डॉक्टरों में अपनी मांग पूरी करने की मांग की थी।शनिवार को हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने ओपीडी बैंड करके विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।डॉक्टर ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है और कहाकि अगर 9 तक गिरफ्तारी न हुई तो 10 को को सभी चिकित्सक सामूहिक स्तीफा देंगे और हड़ताल प्रदेश व्यापी होगी।जिले भर में सभी असप्तालों मे मरीज हलकान रहे।इस दौरान संघ के सभी पदाधिकारियों के साथ ही जिला अस्पताल, महिला अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सक मौजूद रहे।