फसलों की सुरक्षा हेतु वैध लाइसेन्सधारी आवेदन करें

              प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी वन एवं वन्य जीव प्रभाग ने बताया है कि वनरोज के संबन्ध में कतिपय व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा समाज में भ्रान्तियां प्रसारित की जाती है कि वनरोज एक गोवंश की प्रजाति है । जबकि वास्तव में यह हिरण प्रजाति की एक कोटि है।
             इसलिये भ्रान्तियोंं से मुक्त होकर अत्यन्त श्रम से उत्पादित अपनी फसलों की सुरक्षा हेतु यदि आपके पास वैध शस्त्र लाइसेन्स है तो स्वयं आवेदन करके हानिकारक वनरोज एवं जंगली सुअर के आखेट हेतु अनुज्ञा पत्र प्राप्त करके एवं ऐसी स्थिति में जबकि ग्रामसभा के निवासियों के पास वैध शस्त्र लाइसेन्स नहीं है, ग्रामसभा के आवेदन के आधार पर जनपद स्तरीय समिति द्वारा नामित वैध शस्त्र लाइसेन्सधारक व्यक्ति वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11(1) (ब) के अधीन ऐसी ग्राम सभाओं की सीमा में हानिकारक वनरोज एवं जंगली सुअर के आखेट हेतु अनुज्ञा पत्र प्राप्त करके आतंकी वनरोज एवं जंगली सुअर का वध कर सकेंगे। उन्होंने कहा है कि इस कार्य हेतु सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के माध्यम से आवेदन पत्र खण्ड विकास अधिकारी या वन क्षेत्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे, खण्ड विकास अधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से अनुज्ञा जारी की जायेगी।