डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय–
हमारे देश के ९५ प्रतिशत से अधिक मीडियाकर्मी और अधिवक्ता यह नहीं जानते कि ‘धारा’ और ‘अनुच्छेद’ में क्या अन्तर है। यही कारण है आज तक हमारे मीडियाकर्मी और अधिवक्ता ‘अनुच्छेद ३७०’ को ‘धारा ३७०’ बताते-दिखाते आ रहे हैं। सरकारी ‘डीडी न्यूज़’ वाले ‘धारा ३७०’ दिखा रहे हैं। ‘एबीपी’, ‘न्यूज़ 24’ आदिक समाचार चैनल ‘धारा ३७०’ दिखा रहे हैं। अपने दावे को सिद्ध करने के लिए मैंने यहाँ सबसे ऊपर दो समाचार-चैनलों :– ‘डीडी न्यूज़’ और ‘न्यूज़ 24’ के कारनामें प्रस्तुत किये हैं।
पहली कर्मकुण्डली ‘डीडी न्यूज़’ की है। ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ के ठीक नीचे अंकित ‘धारा 370’ देखें और दूसरी कर्मकुण्डली ‘न्यूज़ 24’ है। उसके सबसे ऊपर आप देखें :– ‘कश्मीर में धारा 370 खत्म’। यहाँ पर यह भी सुस्पष्ट है कि अभी कथित ‘धारा 370’ ख़त्म नहीं हुई है।
खेद है, हमारे देश के गृहमन्त्री अमित चन्द्र शाह आज (५ अगस्त) ‘राज्यसभा’ में ‘जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक’ को प्रस्तुत करते समय जब अपना वक्तव्य प्रस्तुत कर रहे थे और सदस्यों के प्रश्न-प्रतिप्रश्नों के उत्तर दे रहे थे तब प्रसंगवश वे ‘धारा ३७०’ ही कह रहे थे, जो कि चिन्तनीय विषय है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ५ अगस्त, २०१९ ईसवी)