आसिफ़ा सामूहिक बलात्कार और हत्याकाण्ड ने ‘भारत’ को कलंकित किया है !..?

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय


कठुआ (जम्मू-कश्मीर) में निर्दोष आसिफ़ा का अपहरण कर लिया गया और सात दिनों तक नशे की सुइयाँ देकर आदमख़ोर एक मन्दिर में उसके शरीर के साथ दरिंदगी के खेल खेलते रहे और अन्तत:, उसकी निर्मम हत्या कर दी गयी!..?
देश की एक मासूम बेटी के साथ जो भी हुआ, उससे आज भारत राष्ट्र समूचे विश्व में कलंकित हो चुका है। इससे अधिक कट्टरवादिता और साम्प्रदायिकता और क्या हो सकती है कि अपराध में मुख्य आरोपित ‘राम साँझी’ और अन्य को बचाने के लिए बलात्कारियों के पक्ष में ‘हिन्दू एकता मंच’ का बैनर लेकर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है! उसमें भारतीय जनता पार्टी के दो नेता झण्डाबरदारी करते देखे गये हैं, आख़िर क्यों?
शर्म करो! शर्म करो!
जिस देश की एक बेटी के साथ प्रत्येक भारतीय का खून खौला देनेवाला अवर्णनीय व्यवहार किया गया था, उसे हिन्दू-मुसलमान के सियासत रंगों में रँगा जा रहा है!..? वहाँ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की नारेबाज़ी करनेवाले ज़ुम्लेबाज़ की पार्टी के साथ गठबन्धन की सरकार है, परन्तु ‘नारी का सम्मान’ दिलाने की बात करनेवाला सियासत चमकाने के लिए व्रतधारी बना हुआ बहुरुपिया अभी तक मौन व्रत धारण किये हुए है। ऐसा क्यों? इसलिए कि सन्तान का दर्द क्या होता है, वह जान ही नहीं सकता?
आसिफ़ा भारत की बेटी थी; हम सबकी बेटी थी, वह किसी मुसलमान अथवा हिन्दू की बेटी नहीं थी। वहाँ की निर्लज्ज मुख्य मन्त्री महबूबा मुफ़्ती की ज़बाँ में लक़्वा मार गया है? वहाँ के विपक्षी दल का नेता क्या कर रहा है?
उन्नाव और कठुआ-काण्ड ने सिद्ध कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी नारी-मानमर्दन के लिए कटिबद्ध है।
देश की जनता! आरती उतारो। नमो-नमो उच्चारो! बाबा रामदेव! तुम भी ‘दिव्य मानव’ को ‘ब्राण्ड एम्बेस्डर’ बना लो। कल तुम सबकी बहन-बेटियों के साथ भी ऐसा हो सकता है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय; १२ अप्रैल, २०१८ ई०)