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उ० प्र० टेट का प्रश्नपत्र लीक करवानेवाला ‘मास्टर माइण्ड’ भा० ज० पा०-विधायक का भाई निकला

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

गत २८ नवम्बर को आयोजित ‘उ० प्र० शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (टेट) का प्रश्नपत्र लीक करानेवाला मास्टर माइण्ड भा० ज० पा० की विधायक का भाई निकला है। उस परीक्षा में लगभग २५ लाख परीक्षार्थियों के भविष्य का प्रश्न था। परीक्षा-भवन में प्रश्नपत्र का वितरण किया जा चुका था, तभी अकस्मात् उस परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय सुना दिया गया था; सभी परीक्षार्थी हतप्रभ थे; लाचार-विवश रहकर एक-दूसरे का चेहरा देखते रह गये थे; कुछ रो रहे थे; कुछ चीख़ रहे थे तो कुछ सिसक रहे थे; कुछ आक्रोशित थे; परन्तु सब व्यर्थ रहा। वह मुख्य आरोपित योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र ‘गोरखपुर’ का एक दबंग परिवार से सम्बन्धित है, जिसकी उ० प्र० परीक्षा नियामक प्राधिकारी परीक्षा के सचिव संजय उपाध्याय के साथ मिली-भगत थी। संजय उपाध्याय ने बिहार के नरकटियागंज की भारतीय जनता पार्टी की विधायक रश्मि यादव का भाई राय अनूप प्रसाद दिल्ली-स्थित ‘आर० एस० एम० फिनसर्व लिमिटेड’ नामक कम्पनी को प्रश्नपत्र मुद्रित कराने का अधिकार दिया था, जबकि उस कम्पनी के पास विशेष प्रकार के प्रश्नपत्र मुद्रित करने-कराने की कोई योग्यता नहीं थी, जबकि कथित सचिव संजय उपाध्याय ने बिना उस कम्पनी की विश्वसनीयता को परखे उसे इतने महत्त्व का काम सौंप दिया था। यही कारण है कि सुरक्षा-मानक की परख न करने के कारण ”थू-थू” करा रही घटना घट गयी। इसका अर्थ है कि अपराधी संजय उपाध्याय सब कुछ जानता था और यह भी सच है कि कथित प्रश्नपत्र योग्यतारहित उस कम्पनी के मालिक को सौंपा गया था, जो भारतीय जनता पार्टी का अपना आदमी है। इतना ही नहीं, उस कम्पनी को ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रचार-सामग्री आदिक का भी मुद्रण करने का भी अधिकार दिया गया है।

मुख्य आरोपित और गिरिफ़्तार राय अनूप प्रसाद और संजय उपाध्याय– मिलीभगत के सुस्पष्ट संकेत

हम आपको यह भी बता दें कि परीक्षा-प्रश्नपत्र-लीक कराने का ‘मास्टर माइण्ड’ राय अनूप प्रसाद की विधायक बहन रश्मि वर्मा का अपने क्षेत्र में बहुत दबदबा है। वह भी आपराधिक मानसिकता की धनी महिला है। रश्मि वर्मा अपने नामांकन प्रपत्र भरते हुए, स्वयं पर आरोपित अपराध के कारण सम्बन्धित थानों में दर्ज़ तीन आपराधिक प्रकरणों की दोषी बता चुकी है।

देश को मालूम है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ जितना कहते हैं, करके दिखाते हैं। ऐसे में, प्रश्न है– योगी आदित्यनाथ नरकटियागंज की विधायक रश्मि वर्मा के मुख्य आरोपित और गिरिफ़्तार भाई ‘राय अनूप प्रसाद’ के घर में कब बुल्डोज़र चलवायेंगे?

अब यक्ष प्रश्न है– वर्ष २०१७ से लेकर वर्ष २०२१ के उत्तरार्द्ध तक कई बार अनेक परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के प्रश्न सार्वजनिक किये जाते रहे, जिनमें सत्ताधारी दल के साथ जुड़े लोग भी थे। वर्ष २०१८ में सर्वाधिक चार बार प्रश्नपत्र लीक किये गये थे। इस संदर्भ में बड़ी संख्या में आरोपित गिरिफ़्तार किये जाते रहे; परन्तु गिरिफ़्तारी के बाद भी ऐसे विद्यार्थी-घातक प्रकरण क्यों सामने आ रहे हैं? कहीं ऐसा तो नहीं, गिरफ़्तारी अशान्त और क्षुब्ध माहौल को नियन्त्रित करने के लिए किया जाता रहा हो, जबकि वर्ष २०१७ से २०२१ तक की अब तक की अवधि में योगी आदित्यनाथ का ही शासनकाल है?

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ४ दिसम्बर, २०२१ ईसवी।)