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काव्य संग्रह गार्वी का विमोचन समारोह सम्पन्न

दिल्ली: साहित्यकार ज्योति मिश्रा प्रभा जी की पुस्तक काव्य संग्रह गार्वी का विमोचन समारोह रविवार को आदरणीय राजलक्ष्मी शिवहरे की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व न्यायाधीश मीना भट्ट और विशिष्ट अतिथि-आदरणीय डॉ भावना दीक्षित ज्ञान श्री रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात ज्योति मिश्रा प्रभा और सुनीता ने अध्यक्षा महोदया का स्वागत श्री श्रीफल औ तुलसी का गमला भेंट कर किया । मुख्य अतिथि का स्वागत ज्योति मिश्रा और ज्योति दुबे ने तथा विशिष्ठ अतिथि का स्वागत तृप्ति त्रिवेदी और ज्योति मिश्रा ने किया।

तत्पश्चात पुस्तक गार्वी का आमंत्रित अतिथियों के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। अपने उद्बोधन में डॉक्टर भावना दीक्षित ज्ञान श्री ने ज्योति मिश्रा के कार्यों का विवरण देते हुए और माता गायत्री की प्रथम पुण्यतिथि पर अपनी श्रद्धांजलि प्रेषित करते हुए ज्योति मिश्रा को पुस्तिका के विमोचन की बधाई प्रेषित की। तत्पश्चात मुख्य अतिथि मीना भट्ट ने पुस्तकें रचनाकार की संतति होती है। बताते हुए ज्योति मिश्रा को बधाई दी।

संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मन्त्र व राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित ने ज्योति मिश्रा को उनकी कृति गार्वी के लिए बधाई दी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षा राजलक्ष्मी शिवहरे जी ने ज्योति मिश्रा के कृतित्व और व्यक्तित्व पर बात रखते हुए बधाई प्रेषित की। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य संगम संस्थान की कार्यकारी अध्यक्ष तृप्ति त्रिवेदी,अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज महिला मोर्चा की प्रदेशउपाध्यक्ष सुमिता मिश्रा महिला मोर्चा जिला प्रभारी गीता दुबे एवं संगठन मंत्री कीर्ति चौबे, ममतामुद्गल,ऊषा चौकसे, अर्चनासिंह, पूर्व न्यायाधीश भट्ट आर एल शिवहरे राजेश मिश्रा ने अपनी बात रखते हुए हार्दिक बधाईयाँ प्रेषित की। कार्यक्रम का संचालन चंद्रा दीक्षित ने किया।

ज्योति मिश्रा प्रभा की पूजनीय माताजी के लिए लिखी गई पंक्तियाँ—
माँ की ममता इस दुनियाँ में
सबसे है, अनमोल रे
हीरे, मोती, सोना, चाँदी इससे
कभी न तोल रे।
हम सभी को माँ के महत्त्व को समझाती है, लगभग 50 कविताओ का संग्रह गार्वी की हर कविता संदेश देती है। यह कविता संग्रह सभी के लिए पठनीय है, हम सभी को अवश्य पढ़ना चाहिए। ज्योति मिश्रा जी ने अपनी माॅ को श्रद्धांजलि अर्पित की है ।