जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया है कि खरीफ विपणन मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान क्रय नीति के तहत जनपद में क्रय केन्द्रों पर धान खरीद के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नही हुई है फिर भी शासन के निर्देशानुसार जनपद में संचालित धान क्रय केन्द्रों को जिला स्तर पर धान क्रय करने हेतु सम्बद्वीकरण से मुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है। उन्होने किसानों से कहा है कि अगर किसी धान क्रय केन्द्र पर धान खरीद के संबंध में किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो तो वह धान क्रय हेल्प लाइन नम्बर- 05852-234629 पर फोन कर निराकरण करा सकते है।
श्री खरे ने कहा है कि सीमान्त व लघु कृषक अग्रेतर आदेशों तक आनलाइन/आफलाइन सत्यापन से मुक्त रहेंगे और ऐसे कृषकों का धान बगैर सत्यापन के क्रय किया जायेगा तथा उपरोक्त के अतिरिक्त कोई कृषक जो अधिकतम 100 कुन्तल धान क्रय केन्द्र पर बेचना चाहता है वह अग्रेतर आदेशों तक आनलाइन/आफलाइन सत्यापन से मुक्त रहेगा। उन्होने बताया कि धान क्रय हेतु कृषक का पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होगा किन्तु कोई कृषक बगैर पंजीकरण कराये केन्द्र पर धान विक्रय करने आता है तो उसे वापस नही किया जायेगा बल्कि पंजीकरण की कार्यवाही एजेन्सी के जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी के सहयोग से पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए 100 कुन्तल से अधिक की दशा में राजस्व विभाग से 24 घण्टे में सत्यापन कराते हुए धान की खरीद की जायेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि धान क्रय के निमित्त राजस्व गांवों को क्रय केन्द्रों से सम्बद्व किया जायेगा ओर कृषक सम्बद्व धान क्रय केन्द पर अपना धान विक्रय कर सकेंगे व मण्डी यार्ड में स्थापित क्रय केन्द्र उक्त सम्बद्वीकरण से मुक्त रहेंगे तथा मण्डी यार्ड में स्थापित क्रय केन्द्रों पर जनपद के किसी भी राजस्व ग्राम का धान क्रय किया जायेगा और तहसील क्षेत्र में सम्बद्वीकरण का कार्य जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा जिला खरीद अधिकारी के अनुमोदन से किया जायेगा, यदि जनपद की किसी तहसील के गांव जहां समीप में क्रय केन्द्र न हो तो कृषकों की सुविधा हेतु संबंधित जनपद के जिला खरीद अधिकारी जनपद के जिला खरीद अधिकारी से विचार विमर्श कर धान विक्रय हेतु खरीद केन्द्र का आवंटन कर सकेंगे और इस व्यवस्था पर आगामी 03 दिनों के अन्दर जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी परीक्षण कर देख लें कि यदि किसनों को धान विक्रय में असुविधा हो रही है तो स्थानीय परिस्थितियों के दृष्टिगत केन्दों को विकास खण्ड स्तर या तहसील स्तर व जिला स्तर पर सम्बद्वीकरण से केन्द्रों को मुक्त रखने की कार्यवाही जिलाधिकारी के अनुमोदन से कर सकेंगें।
उन्होने बताया कि संयुक्त परिवार की स्थिति में कोई एक खाताधारक अन्य सह खाताधारकों की सहमति से उनके तरफ से धान विक्रय हेतु पंजीकण करा कर धान विक्रय कर सकेंगे और क्रय केन्द्रो पर किसानों से धान की खरीद जोतबही, खाता नम्बर अंकित कम्प्यूटराइज्ड सत्यापित खतौनी, फोटो युक्त पहचान पत्र व आधार कार्ड देखने के उपरान्त की जायेगी तथा चकबन्दी अन्तर्गत ग्रामों में चकबंदी संबंधी संगत भूलेख के आधार पर धान क्रय किया जायेगा और उपज के आंकलन हेतु खसरा व कृषक द्वारा धान की बोयी फसल के संबंध में पंजीकरण प्रपत्र के आधार पर एवं धान के उत्पादन का आनलाइन/आफलाइन सत्यापन होने की स्थिति में कृषक का धान क्रय किया जायेगा और खरीद के समय कृषक को खतौनी व भूमि विवरण केन्द्र को दिया जाना अनिवार्य होगा।