तीसरी आंख की नजर में रहेगा कलेक्ट्रेट, लगाए गए सीसीटीवी

             कलेक्ट्रेट की गतिविधियों पर डीएम और एडीएम तीसरी आंख के माध्यम से नजर रखेंगे। इसके लिए परिसर में 16 कैमरे लगाए गए है।सुरक्षा के लिहाज से भी यह कदम उठाया गया है।अब कलेक्ट्रेट की हर गतिविधि कैमरे में कैद हो रही है।सभी ऑफिस तीसरी निगाह के दायरे में है।
             कलेक्ट्रेट और विकास भवन में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं, लेकिन आने जाने वालों की निगरानी के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है। इसके लिए डीएम पुलकित खरे ने एक माह पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव किया था। इसकी स्वीकृति के बाद परिसर में कुल 16 कैमरे लगाए गए हैं जो सभी नाइट विजन है।कैमरों की गतिविधियों को देखने और स्टोर करने के लिए डीएम कार्यालय में मॉनीटर लगाए गए हैं।डीएम का कहना है कि लेक्ट्रेट में निगरानी व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ ही कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया था।

 कार्यालय छोड़ने वालों पर भी रहेगी नजर

प्राय: अधिकारियों के न होने पर बाबू अपनी कुर्सियां छोड़ इधर उधर घूमने निकल जाते हैं। जिससे फरियादी परेशान होते हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरे लगने से काम के समय घूमने वाले भी आसानी से पकड़े जा सकेंगे।साथ ही यहां से कई बाइक चोरी की घटनाये भी हुई है इसके लिए भी फायदा ही होगा भले पुलिस न पकड़ पाये लेकिन सीसीटीवी कैमरे जरूर कैद कर लेंगे।वही धरना प्रदर्शन करने वाले भी कभी कभी उग्र हो जाते है उनकी गतिविधियों पर भी निगाह रहेगी।