प्रमुख सचिव ग्रामीणों से हुईं रूबरू, अधिकारियों व कर्मचारियों में मची रही खलबली

कछौना (हरदोई): प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र भीरीघाट में प्रमुख सचिव नोडल अधिकारी मोनिका एस गर्ग ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं से सीधे रूबरू हुई। जिससे आम जनमानस के बेहतरी के लिए संचालित योजनाओं का सही लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने राशन व्यवस्था, विद्युत, आवास योजना के विषय में प्रमुखता से शिकायत की।

इस चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कई बार राशन कार्ड के आवेदन जमा करने के बाद भी उनके आवेदन फीड नहीं होते हैं। जिससे उनका आर्थिक नुकसान भी होता है। वह जन सेवा केंद्र से लेकर विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं। महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें राशन कार्ड सुविधा का लाभ नहीं मिलता है। वहीं बिचौलिए आपरेटर को सुविधा शुल्क देने वाले के आवेदन तुरंत फीड हो जाते हैं। जिस पर प्रमुख सचिव ने जिला पूर्ति अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। यह राशन व्यवस्था तुरंत सही करने का कड़ा निर्देश दिया। ग्रामीणों ने शौचालय की मांग की, जिस पर जिला विकास अधिकारी रजित राम मिश्रा ने बताया जिन लाभार्थियों के नाम बेसलाइन सूची में है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। छूटे परिवारों के लिए सीघ्र ओडीएफ प्लस योजना चालू होगी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे मे काफी आक्रोश व्यक्त किया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ० विनोद साहनी समय से स्वस्थ्य केन्द्र नही आते हैं। वहीं इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं करते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कभी नहीं रुकते हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन का प्रयोग केवल गर्भवती महिलाओं को ही किया जाता है। महिला डॉ० पूनम गुप्ता भी नियमित रूप से नहीं आती हैं। स्वास्थ्य पर्वेक्षक गांव में केवल खानापूर्ति के लिए कभी कभार ही जाते हैं। जिसके चलते प्रत्येक गांव में दर्जनों मरीज बुखार, मलेरिया, टाइफाइड से प्रभावित है। जिस पर उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने को कार्य शैली में सुधार का निर्देश दिया।

गांव की किशोरियों से वार्ता कर उनका दुःख सुख जाना उनको मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। तेरवा गांव के ग्रामीणों ने बताया हमारे यहां की विद्दुत लाइन काफी जर्जर हैं। वहीं ग्राम तेरवा में 11000 लाइन के नीचे विद्दुत लाइन गुजारी हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिसकी कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं। जिसपर प्रमुख सचिव ने विद्दुत विभाग के अधिकारियों से सपष्टीकरण लेना चाहा, परन्तु वहां विद्युत विभाग के अधिकारी/कर्मचारी नदारद मिले। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी को कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके बाद दर्जनों महिलाओं ने विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन की सुविधा की मांग की।जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया, घर-घर जाकर सर्वे करके वंचित परिवारों को शामिल कर योजना का लाभ दिलाये।

इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। बच्चों व गर्भवती महिलाओं से योजना के लाभ की जानकारी ली। योजना के नाम पर केवल लाभार्थियों को दरिया, पुष्टाहार, दो मीठे पैकेट व एक नमकीन पैकेट मिलता है। जिसकी गुणवक्ता काफी खराब होती है। ग्रामीणों के अनुसार यह पुष्टाहार केवल जानवरों के खाने के लायक होता है। दर्जनों केंद्रों पर वजन मशीन खराब की शिकायत पर, उन्होंने बताया कि यह समस्या मेरे संज्ञान में है। शीघ्र बजट मिलते ही मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। कई वर्षों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आने वाली सामग्री, खेलकूद सामग्री, मेडिसिन किट नहीं मिली है। ऐसे स्थिति में कैसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का कुपोषण दूर होगा। कार्यक्रम खानापूर्ति तक सीमित रहा। आवारा पशुओं की समस्या पर प्रमुख सचिव ने जिला अधिकारी को अवगत कराने की बात कही।
इस अवसर पर जिले के आला अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, प्रशिक्षु आई०ए०एस० एकता सिंह, उप जिला अधिकारी संडीला, खण्ड विकास अधिकारी कछौना, एडीओ पंचायत महेंद्र कुमार तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विनोद साहनी, खंड शिक्षा अधिकारी विनय मिश्रा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश यादव, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सहित ग्राम प्रधान शिवपाल व क्षेत्र पंचायत सदस्य सैकड़ों की संख्या में पुरुष महिलाएं मौजूद थी।

रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता