ग्रामीण ही नहीं नगरीय परिषदीय विद्यालयों में भी मध्याह्न भोजन योजना में खेल किया जा रहा है। इसका खुलासा नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव की ओर से नगर के कई स्कूलों के निरीक्षण के दौरान हुआ। छात्रों की उपस्थिति में खेल लगाकर एम-डी-एम को खारिज किया जा रहा है। जबकि एक भी स्कूल में एम-डी-एम रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। वहीं शैक्षिक स्तर भी निम्न पाया गया। उन्होंने निरीक्षण आख्या डीएम को भेज दी है।
नगर मजिस्ट्रेट ने शहर में संचालित परिषदीय स्कूलों में से प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज के निरीक्षण में पाया कि वहां पर 105 छात्र पंजीकृत हैं। बताया कि निरीक्षण के समय 15 छात्र ही उपस्थित मिले, जबकि उपस्थित रजिस्टर पर 6 एवं 7 फरवरी की उपस्थिति का अंकन ही नहीं किया गया था। प्रधानाध्यापक प्रशांत कुमार ने एम-डी-एम रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया। वहीं कन्या जूनियर हाईस्कूल में शशिप्रभा प्रधानाध्यापक थी। वहां पर कक्षा में छात्रों का पंजीकरण एवं उपस्थिति भी काफी कम मिली। एम-डी-एम रजिस्टर वहां पर भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
बताया कि ऐसे ही रेलवेगंज के कन्या प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक 30 छात्र उपस्थित मिले। अध्यापक दिलीप कुमार कोई सही जानकारी नहीं दे सके। वहीं प्राथमिक विद्यालय में सरिता गौतम प्रधानाध्यापक मिली। छात्र कम संख्या में उपस्थिति मिले। बताया कि सभी विद्यालयों में शैक्षिक स्तर निम्न मिला है। जिससे स्पष्ट है कि अध्यापन कार्य में शिक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। छात्रों की ओर से हिंदी का पहला अध्याय भी ठीक से नहीं पढ़ा जा सका। गणित एवं अन्य विषयों में तो जानकारी ही नहीं दे पाए।