— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

सोनिया गांधी ने काँग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारीअध्यक्ष-पद का त्याग करने का निर्णय किया है।
★ हम इसका स्वागत करते हैं।
★ पिछले १० अगस्त को ही उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका था, इसलिए शीघ्र नया अध्यक्ष चुनना काँग्रेस- नेताओं की बाध्यता भी है, अन्यथा चुनाव-आयोग नोटिस भेजेगा।
★ अब काँग्रेस को गांधी-परिवार से मुक्ति पाने का समय आ चुका है।
★ काँग्रेस में आमूल-चूल परिवर्त्तन किया जाना चाहिए।
★ काँग्रेस का संघटनात्मक बदलाव ज़रूरी है।
★ काँग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के विरोध और विद्रोह के स्वर उभर चुके हैं।
★ मुकुल वासनिक अनुभवसम्पन्न और सर्वमान्य नेता हैं। उन्हें काँग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ अगस्त, २०२० ईसवी।)