★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
भारतीय समाचार-चैनलों पर विश्वास न करें; क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर रूस से सूचना-सम्प्रेषण के समस्त स्रोत विच्छेद कर लिये हैं। उदाहरण के लिए– युक्रेन ने एक हफ़्ता-पहले ही रूस से अपना दूतावास हटा लिया था, जबकि आज (२ मार्च) ‘आज तक’, ‘रिपब्लिकन भारत’, ने यह बताया और दिखाया है– आज की सबसे बड़ी ख़बर– युक्रेन ने रूस मे अपना दूतावास बन्द किया; दूतावास से अपना झण्डा हटाया। ‘रिपब्लिकन भारत’ की संवाददाता आज सुना रही थी– युक्रेन के कीव मे होगी भीषण गोलीबारी। ऐसी मूढ़ और जड़बुद्धिवाली संवाददाता को मालूम होना चाहिए कि पिछले तीन दिनो से कीव मे भयंकर गोलाबारी की जा रही है। इसी चैनल के माध्यम से इस आशय की जानकारी दी जा रही है– रूस ने अब पहली बार युक्रेन के एअरपोर्ट पर हमला किया है। ‘रिपब्लिकन भारत’ की ओर से दी जा रही यह सूचना भी ग़लत है; क्योंकि रूसी सेना ने जब युक्रेन पर हमला किया था तब उसका एक गोला युक्रेन एअरपोर्ट के पास ही गिरा था।
देश के लगभग सभी समाचार-चैनल आज ही युक्रेन-दूतावास बन्द करने की ख़बर दिखा और सुना रहे हैं। अब प्रश्न है, जब एक हफ़्ते से युक्रेन और रूस के बीच युद्ध किया जा रहा है तब युक्रेन का दूतावास शत्रु-देश मे बना रहेगा या फिर उसे बन्द कर दिया जायेगा और वह भी युद्ध के सातवें दिन बन्द किया जायेगा या फिर युद्ध के आसार नज़र आते ही बन्द कर दिया जायेगा।
वास्तव मे, इस समय पूर्वी और दक्षिणी युक्रेन मे रूस और युक्रेन के बीच भीषण युद्ध किया जा रहा है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २ मार्च, २०२२ ईसवी।)