हरदोई- दीपावली त्यौहार के पूर्व धनतेरस का त्योहार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है । इस बार धनतेरस का त्योहार 5 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा । इस दिन लोग नए बर्तनों और आभूषणों का क्रय करते हैं और उन्हीं बर्तनों से दिवाली की मुख्य पूजा करते हैं । धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, धन्वंतरि के प्रकट होने के ठीक दो दिन बाद मां लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं । यही कारण है कि हर बार दिवाली से दो दिन पहले ही धनतेरस मनाया जाता है । इस दिन स्वास्थ्य रक्षा के लिए धनवंतरी देव की उपासना की जाती है । इस दिन को कुबेर का दिन भी माना जाता है और धन संपन्नता के लिए कुबेर की पूजा की जाती है ।
लक्ष्मी जी को खुश करने की कामना के साथ बाजार मे आये ग्राहकों के स्वागत के लिये दुकानदारों की ओर से भी खासे प्रबंध किये जाते है और ग्राहकों को खरीददारी पर तरह तरह के ऑफर भी दिये जाते है। धनतेरस के दिन नगर के सिनेमा चौराहा व रेलवे स्टेशन के निकट लगने वाली बाजारों मे भी रौनक रहेगी। बाजार में खील, खिलौने, सजावट का सामान, गणेश लक्ष्मी की दुकानें, कैलेण्डर, खिलौनों व झालरों की दुकानें सजायी गयी। धनतेरस के अवसर पर इलेक्ट्रानिक की दुकानों व ज्वैलरी की दुकानों पर विशेष रौनक रहेगी इसके मद्देनजर व्यापारियों ने वैरायटी पर विशेष ध्यान दिया है,उच्च वर्ग से लेकर निम्न वर्ग के लोगों की रेंज के अनुसार वस्तुएं लाएं है। गणेश लक्ष्मी की दुकानें खूब लगीं है इसके अलावा अन्य मूर्ति से भी बाजार सजे हुए हैं।
पटाखों का बाजार भी होगा गुलजार
धनतेरस पर सोना चांदी,बर्तन आदि की दुकानों पर भीड़ रहेगी ही साथ मे पटाखों का बाजार भी गुलजार होगा। इस बार सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि दो घण्टे ही 8 से 10 तक पटाखे दगाएँ पर लोग शायद ही इस आदेश पर अमल करें।