हरदोई– शासन से भले ही सख्त निर्देश मिले हों कि किसी भी गरीब को परेशान न किया जाए लेकिन फिर भी रसूखदारी इतनी हावी है कि गरीब को न्याय की बात तो दूर उसका हक भी छिना जा रहा है। ऐसा ही मामला सामने आया जब गरीब की जमीन में प्रधान से जबरन रास्ता निकलवाया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो तहसीलदार भी प्रधान के पक्ष में आकर उल्टी गंगा बहाने लगे। पीड़ित ने आला अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल जमीन की पैमाइश दोबारा कराए जाने की बात कही गई है।
मामला सदर ब्लाक व थाना सुरसा की ग्राम पंचायत खजुरहरा के मजरा जगतपुरवा का है। गांव निवासी नोखे, नत्थू आदि ने बताया कि गांव में प्राथमिक स्कूल के समीप उनकी जमीन है। जिसके पड़ोस में ही गांव के ही वेदराम का मकान बना हुआ है। वेदराम ने नोखे समेत उसके भाइयों की जमीन में रास्ता निकलवा लिया। शिकायत की गई कि ग्राम प्रधान श्रीराम ने इसी रास्ते पर खड़ंजा डलवाना भी शुरू कर दिया। इसको लेकर जब पीड़ित पक्ष ने आनाकानी की तो ग्राम प्रधान व उसके साथियों समेत वेदराम ने पीड़ित पक्ष पर हमला करने का प्रयास किया। इस बाबत मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस से की। जिस पर दोनो पक्षों को बीते शनिवार थाने पर बुलाया गया। जहां से नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और जमीनी हालातों का जायजा लिया। जिसमें कुछ समय तक तो नापजोख का काम होता रहा उसके बाद तहसीलदार व प्रधान में कुछ वार्ता हुई। तहसीलदार भी पीड़ित की जमीन से ही रास्ता निकलवाने की बात कहने लगे। हांलांकि मजबूर पीड़ित पक्ष की मानसिक हालत को मद्देनजर रखते हुए सभी मौके से चले गए व ग्राम प्रधान ने भी मजबूरन खडंजे का निर्माण रोक दिया। इसके बाद पीड़ित ने रविवार को लगभग दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी समेत आला अधिकारियों से मुलाकात की। जिस पर शिकायत का निवारण कराए जाने की बात कही गई। पीड़ित ने बताया कि वेदराम जो अपने घर के लिए उसकी जमीन से रास्ता निकलवाना चाहता है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्टे भी रखा हुआ है। लेकिन ग्राम प्रधान पीड़ित के गरीब होने के कारण उसकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
कुछ ऐसे बह रही उल्टी गंगा
हरदोई। रविवार को इस संबंध में जब संबंधित तहसीलदार से दूरभाष से वार्ता की गई तो उन्होने बताया कि शिकायतकर्ता नोखे और नत्थू तथा आरोपी वेदपाल सभी एक ही परिवार के सदस्य है। आपसी झगड़ा है। यह भी कहा कि पैमाइश की गई जो फिर से की जाएगी। यहीं नहीं रुके शिकायतकर्ता को ही अवैध कब्जेदार भी बता दिया।